
जोधपुर. तमाम संशयों के बावजूद आखिरकार थार एक्सप्रेस ( thar express ) शनिवार दोपहर 3.15 बजे पाकिस्तान पहुंच गई ( Thar Express finally reached Pakistan ) । इसी के साथ पिछले कुछ दिनों से छाये हुए धुंध के बादल छंट गए और संशय निर्मूल साबित हुए ( skepticism proved ) । थार लिंक एक्सप्रेस शुक्रवार को जोधपुर के भगत की कोठी से रवाना हुई थी और यह ट्रेन सुबह मुनाबाव ( munabav ) पहुंची थी। कस्टम और इमीग्रेशन क्लियरेंस के बाद यह ट्रेन दोपहर 2.30 बजे मुनाबाव से रवाना हुई थी।
पाकिस्तान के रेलमंत्री ने थार एक्सप्रेस रोकने के बयान के बावजूद शुक्रवार रात को पाकिस्तान से थार लिंक एक्सप्रेस को रवाना कर दिया था और उसके बाद यह अब जीरो प्वाइंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसमें 228 यात्री सवार हुए थे। जिनकी कस्टम व इमीगे्रशन जांच पाकिस्तान के जीरो प्वाइंट रेलवे स्टेशन पर हुई। इधर भारत की ओर से थार एक्सपे्रस भगत की कोठी से रवाना होकर सुबह 7 बजे मुनाबाव पहुंची, जिसमें 165 सवारियां रहीं। इसमें 81 भारतीय और 84 पाकिस्तानी नागरिक शामिल रहे। मुनाबाव में कस्टम और इमीग्रेशन जांच का कार्य चला।
पाकिस्तान में प्रवेश
दोनों ओर कस्टम इमीग्रेशन होने के बाद अगला निर्णय बॉर्डर के गेट खोलकर थार एक्सप्रेस के पाकिस्तान में प्रवेश हुआ। इसके लिए पाकिस्तान की ओर से नियमानुसार मुनाबाव रेलवे स्टेशन को सूचना दी ई। इसके बाद पाक रेंजर्स पाकिस्तान और बीएसएफ ने मुनाबाव के गेट खोले और रेल का आवागमन हुआ।
भारत में कड़ी सुरक्षा
भारत में थार एक्सपे्रस की सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं। रेलवे पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और बीएसएफ सक्रिय है। चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा रही है। कस्टम इमीग्रेशन जांच में पुख्ता तरीके से एक एक तलाशी ली गई कि कहीं कुछ भी अवांछित न हो।
पाकिस्तान में आम दिनों की तरह
पाकिस्तान में फौरी तौर पर ही जांच होने की जानकारी मिली है। पाकिस्तान के रेल मंत्री ने पहले ही कह दिया था कि वे केवल पानी का प्रबंध कर के देंगे। पाकिस्तान के रेलवे स्टेशन पर भारतीय यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकते।