
जोधपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक दिवसीय दौरे को लेकर गुरुवार सुबह जोधपुर पहुंचे। यहां उन्होंने टिड्डियों के लगातार हो रहे हमले पर चिंता जताई और साथ ही कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जोधपुर आए, लेकिन अफसोस, उन्होंने टिड्डियों के हमलों पर अपनी एक भी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की। जबकि टिड्डी नियंत्रण संगठन दल केन्द्रीय का महकमा है। जोधपुर आए मुख्यमंत्री ने कई शोक सभाओं में हिस्सा लिया और शोक संतृप्त परिवारों को ढांढ़स बंधवाया। गहलोत ने लालसागर मंडोर में अपनी बड़ी बहन विमला देवी के घर जाकर उनकी कुशलक्षेम जानी।
पायलट को बोलने का अधिकार: गहलोत
डिप्टी सीएम व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सचिन पायलट के लगातार आ रहे बयानों पर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनका अधिकार है। विपक्ष तो आलोचना करता ही है। मुख्यमंत्री, मंत्री और सरकारी नुमाइंदों को पायलट की बात गंभीरता से सुननी चाहिए। जिस प्रकार कहना का अधिकार विपक्ष रखता है, उसी प्रकार सत्ता पक्ष के अध्यक्ष को भी अधिकार होना चाहिए। जो भी सुझाव है, हम उसे दूर करेंगे। सभी मिलकर शासन चलाएंगे तब ही तो सुशासन आएगा।
जोधपुर में अमित शाह कुछ नहीं बोले, ये अच्छी परंपरा नहीं है: गहलोत
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि टिड्डियों का हमला लगातार जारी है। पाली तक पहुंच रहा है। पिछले 40 साल में जब कभी भी टिड्डी दल का हमला हुआ तो खरीब फसल तक हुआ है, अब तो रबी की फसल तक को चौपट कर रही है।
जैसलमेर, बाड़मेर व जालोर में देखे तो ऐसा लगता है कि खेतों में बुवाई तक नहीं हुई है, ऐसी स्थितियां भी बन जाती है। भारत सरकार के अधिकारियों का राज्य के साथ अच्छा समन्वय बना हुआ है। कृषि मंत्री भी पहले जैसलमेर सहित कई जगहों पर जाकर आ चुके है। टीड्डी दल नियंत्रण के लिए और मशीनरी की डिमांड की गई है। तमाम मशीनरी काम में ली जा रही है। टिड्डियां हवा के रुख के साथ चलती है। इनका पीछा सरकार व किसान कर रहे है। केन्द्र सरकार को ज्ञापन भेजा है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जोधपुर आए, लेकिन राजस्थान में टिड्डी हालात पर कुछ नहीं बोले।
वे राजनीति की बात करे तो उनका अधिकार है। सवाल ये है कि वे जोधपुर आकर भी यहां और प्रदेश की लोकल समस्या पर कुछ नहीं बोले। केन्द्रीय गृह मंत्री एनडीआरएफ के चेयरमैन है। वे जल्द से जल्द ज्ञापन पर फैसला करे। आग्रह है कि वे किसानों को राहत पहुंचाए। भारत सरकार का नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट फंड से पैसा जारी होता है। इंश्योरेंस वाले किसानों को जल्द पैसा मिले। मध्यप्रदेश-राजस्थान की सीमाओं पर डाकूओं को समर्पण कराने वाले सुब्बाराव की कुशलक्षेम भी पत्रकारों को सीएम गहलोत ने बताई। सीएम ने कहा कि आज देश में हिंसा का माहौल है। जेएनयू की घटना को लेकर भी पुलिस की कार्यशैली व तमाशबीन खड़े रहने पर सवाल किए।
कोटा मामले में राजनीति हुई है, मीडिया को गुमराह किया जा रहा
सीएम गहलोत ने कहा कि कोटा में नवजातों की मौत के मामले में राजनीति हुई है। निरोगी राजस्थान जैसे अभियान के बीच ये सब करवाया गया है। चलाकर दिल्ली की मीडिया को बुलाया गया है। उन्हें इसमें बड़ा राज लगता है। समय आने पर पता लग जाएगा कि मीडिया को क्यों गुमराह किया गया। उनके पिछले मुख्यमंत्री कार्यकाल में कोटा में आइसीयू स्थापित हुआ था। कोटा में शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। सभी राज्यों में शुरू से शिशु-मातृ मृत्यु दर के आंकड़े खतरनाक रहे है। हमें तो एक-एक बच्चों की मौत पर दुख करते हैं। निरोगी राजस्थान के तहत वे कइयों को सेवा कार्य के लिए चिन्हित करेंगे और राजस्थान को स्वास्थ्य सेवाओं में नंबर वन बनाएंगे।