
जोधपुर।
राजस्थान हाईकोर्ट में शुक्रवार को कॉमर्शियल कोर्ट को लेकर पूर्व में दिए गए आदेशों की पालना रिपोर्ट पेश नहीं होने के कारण अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी।
हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को राज्य में कॉमर्शियल कोर्ट के संचालन के लिए भवनों व आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए थे।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा व न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट की ओर से कॉमर्शियल कोर्ट को सुचारू करने के लिए भेजे गए बजट प्रस्ताव विचाराधीन है।
यह भी बताया गया कि जोधपुर में ओटीएस के जिस भवन में कॉमर्शियल कोर्ट शिफ्ट की जानी है उसे अब तक नवीन भवन निर्माण पूरा नहीं होने के कारण वहां शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सिंघवी ने कहा कि कॉमर्शियल कोर्ट का सुचारू संचालन होने के लिए यह आवश्यक है कि भवन, संसाधन व पूर्णकालिक जज की नियुक्ति की जाए।
सरकार को अपने दायित्वों का त्वरित निर्वहन करना चाहिए। खंडपीठ ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए लिखित में जवाब पेश करने की अनुमति देते हुए सुनवाई 7 मार्च को मुकर्रर की।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका में प्रदेश में शुरू की गई सभी कॉमर्शियल कोर्ट को बंद कर सभी का मुख्यालय जयपुर करने को चुनौती दी गई थी।
बाद में राज्य सरकार ने 8 अगस्तए 2018 को कोटाए अजमेरए उदयपुर तथा जोधपुर में एक.एक तथा जयपुर में तीन कॉमर्शियल कोर्ट गठित करने की अधिसूचना जारी करते हुए उनका क्षेत्राधिकार तय किया। कोर्ट ने अपने पूर्ववर्ती आदेश में नव स्वीकृत कॉमर्शियल कोर्ट को दो सप्ताह में शुरू करने के निर्देश दिए थे। खंडपीठ ने पिछली सुनवाई पर सभी दिशा.निर्देशों की पालना पर रिपोर्ट मांगी थी।