जोधपुर

घर जाने के लिए करना पड़ रहा है घंटों इंतजार, इस तरह लॉकडाउन में हो रहा है परेशान

कामकाज के सिलसिले में गुजरात में फंसे करीब तीन सौ लोग अम्बाजी से रोडवेज की बसों से सोमवार देर रात को जोधपुर पहुंचे। आगे की बस के लिए उन्हें जोधपुर में नौ घंटे से अधिक समय तक इन्तजार करना। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। मंगलवार को बसों से रवाना किया गया।
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common people are facing problems in coronavirus lockdown
घर जाने के लिए करना पड़ रहा है घंटों इंतजार, इस तरह लॉकडाउन में हो रहा है परेशान

जोधपुर. कामकाज के सिलसिले में गुजरात में फंसे करीब तीन सौ लोग अम्बाजी से रोडवेज की बसों से सोमवार देर रात को जोधपुर पहुंचे। आगे की बस के लिए उन्हें जोधपुर में नौ घंटे से अधिक समय तक इन्तजार करना। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। मंगलवार को बसों से रवाना किया गया। जोधपुर डिपो के मुख्य प्रबंधक बीआर बेड़ा ने बताया कि नागौर, बीकानेर, सूजानगढ़, शेरगढ़ व फलौदी के लिए एक-एक रवाना की।

सुलभ कॉम्पलेक्स में लिए रुपए
मेहसाणा में 28 दिन का क्वारेंटाइन में रहे। सोमवार शाम को हमें वहां से बसों से रवाना किया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जोधपुर पहुंचे। सुबह सुलभ कॉम्पलेक्स में शौच के लिए गए तो किसी से दस तो किसी से बीस रुपए शुल्क लिया। आगे बीकानेर जाना है।
- ब्रजमोहन शर्मा, बीकानेर

आंध्रप्रदेश से जोधपुर पहुंचने में लग गया एक माह
27 मार्च को विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) से दो महिलाओं सहित 37 जने निकले। मेहसाणा में पुलिस ने रोका तथा 28 दिन तक क्वारेंटाइन में रखा। सोमवार रात को बस से जोधपुर पहुंचे। जोधपुर आए 10 घंटे से अधिक समय तक बैठे रहना पड़ा। मंगलवार सुबह साढ़े 11 बजे बसों से रवाना किया गया।
- राजेन्द्र चौधरी, पाल रोड

मोबाइल चार्ज में लगाना पड़ा महंगा
अम्बाजी से रोडवेज बस से जोधपुर पहुंचे। मोबाइल डिस्चार्ज हो रहा था तो बस डिपो परिसर में चार्ज में लगा दिया। एक रोडवेजकर्मी ने मेरा मोबाइल निकालकर यह कहतेे हुए फेंक दिया कि जिससे मोबाइल की स्क्रीन टूट गई। उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ स्टॉफ के मोबाइल ही चार्ज किए जाते है।
- आत्माराम, बीनावास

Published on:
29 Apr 2020 03:30 pm