जोधपुर

थानाधिकारी के लिए दस लाख रुपए रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार

- एसीबी जोधपुर की जयपुर की होटल में ट्रैप कार्रवाई- एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई का डर दिखा फार्मा दुकानदार से 16 लाख ले चुके थे, अब 25 लाख रुपए और मांगे
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Oct 27, 2020
थानाधिकारी के लिए दस लाख रुपए रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार
थानाधिकारी के लिए दस लाख रुपए रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार

जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर ने एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई का डर दिखा फार्मा संचालक से दस लाख रुपए रिश्वत लेते श्रीगंगानगर के जवाहर नगर थाने के कांस्टेबल को जयपुर की होटल के कमरे में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसने थाना प्रभारी राजेश कुमार सिहाग के लिए यह रिश्वत ली थी। जो फरार हो गया।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कानपुर निवासी हरदीपसिंह पुत्र उत्तमसिंह सिख की शिकायत पर ट्रैप कार्रवाई की गई है। जयपुर की होटल रेडिशन ब्ल्यू के कमरे में सोमवार देर रात दस लाख रुपए रिश्वत लेते श्रीगंगानगर में जवाहर नगर थाने के कांस्टेबल नरेशचन्द मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उसने जवाहर नगर थानाधिकारी राजेश कुमार सियाग के लिए यह रिश्वत राशि ली थी। थानाधिकारी फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है।
व्हॉट्सएेप चैट व बातचीत से थानाधिकारी की भूमिका की पुष्टि
हरदीपसिंह ने होटल रेडीशन ब्ल्यू के कमरे में सोमवार रात कांस्टेबल नरेशचन्द को रिश्वत के दस लाख रुपए दिए। इतने में इशारा मिलते ही एसीबी जोधपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में निरीक्षक मनीष वैष्णव, हेड प्रभुराम व जेठाराम, कांस्टेबल भूरसिंह, दलेश कुमार, भागीरथराम, छैलाराम, ओमप्रकाश, दिलीप कुमार, रूपसिंह ने दबिश दी और कांस्टेबल नरेशचन्द को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके मोबाइल के व्हॉट्सएेप चैट व बातचीत से थानाधिकारी राजेश कुमार सिहाग की भूमिका की पुष्टि हो गई। एसीबी ने जवाहर नगर में उसे पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन वो फरार हो गया।
16 लाख रुपए एएसआइ व कांस्टेबल पहले ही बांट चुके
एएसपी नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि कानपुर में गोविंद नगर निवासी हरदीपसिंह व उसके भतीजे पवन कुमार की कानपुर में बिरहना रोड पर नाचघर में गुरु तेग बहादुर फार्मा नामक दुकान है। श्रीगंगानगर के सदर थाने में गत दिनों एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो रखा है। जांच जवाहर नगर थानाधिकारी राजेश कुमार सियाग के पास है। इसमें भूमिका बताकर पवन कुमार अरोड़ा को सीआरपीसी की धारा 91 का नोटिस दिया गया था। 18 सितम्बर को एएसआइ सोहनलाल व कांस्टेबल नरेशचन्द कानपुर में दुकान पहुंचे थे। वे पवन को होटल गगन प्लाजा ले गए थे। हरदीप व उसके भतीजे को पकड़कर ले जाने का डर दिखाकर कांस्टेबल ने 15 लाख रुपए ले लिए थे। जिनमें से 2.5-2.5 लाख रुपए एएसआइ व खुद के और 10 लाख रुपए थानाधिकारी के बताए थे। 25 सितम्बर को कांस्टेबल ने फिर पीडि़त के घर पहुंचा। दवाइयों की सूचना से थानाधिकारी के संतुष्ट न होने का बता २५ लाख रुपए और मांगे थे। उसने एक लाख रुपए उस दिन और ले लिए थे।

Updated on:
27 Oct 2020 10:50 am
Published on:
27 Oct 2020 10:50 am