
जोधपुर. जिला उपभोक्ता अदालत प्रथम ( consumer court ) के अध्यक्ष अतुलकुमार चटर्जी व सदस्य राजाराम सर्राफ ने जोधपुर विद्युत वितरण लिमिटेड ( Discom ) की ओर से एक उपभोक्ता ( consumer ) को गलत तरीके से मीटर रीडिंग बता कर हजारों रुपये का बिल भेजने को सेवा में त्रुटि मानते हुए उस पर 55 हजार रुपये की राशि बिल में समायोजित करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को परिवादी को 21 हजार रुपये (compensation) देने का भी आदेश दिया।
मामले के अनुसार पाल रोड स्थित गोकुलधाम निवासी नीलम कल्ला ने जिला उपभोक्ता मंच में अपने अधिवक्ता के माध्यम से परिवाद पेश कर बताया कि वर्ष 2014 में डिस्कॉम ने त्रुटिपूर्ण बिल भेजना शुरू किया। उपभोक्ता के शिकायत करने और शुल्क जमा कराने पर विभाग ने मीटर बदल कर नया लगा दिया। उसके बाद भी उपभोक्ता को लगातार त्रुटिपूर्ण बिल भेजा जाता रहा। डिस्कॉम की ओर से उपभोक्ता द्वारा समय पर बिल जमा नहीं कराने व अधिक उपभोग पर बिल भेजने का हवाला देते हुए मांग सही बताई गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता द्वारा पेश परिवाद स्वीकार करते हुए हर्जाना (compensation) देने का आदेश दिया।