
जोधपुर. कोविड संक्रमण की भयावह लहर ने सभी के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैै। शुक्रवार को 24 घंटे में 1080 संक्रमित सामने आए। जबकि 10 जनों की मौत हुई। प्रशासनिक लवाजमा दिनभर कोरोना संक्रमण की व्यवस्थाओं में लगा रहा।
पिछले तीन दिनों से जोधपुर में कोरोना की भयावह स्थिति बनी हुई है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बैड फुल हो गए हैं। एमडीएम अस्पताल ने शुक्रवार दोपहर को भर्ती होने आए कई रोगियों को 'नो बैडÓ कह दिया। बाद में प्रशासन ने सुपरस्पेशलिएटी वार्ड में मरीज के लिए पचास बैड खोले। एमजीएच-एम्स में दो-दो मौत हुई हैं और एमडीएम अस्पताल में 6 मरीजों की मौत हुई हैं। जोधपुर में अब तक 48778 मरीज संक्रमित और 627 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। बीते 20 दिनों में 9998 मरीज संक्रमित और 122 संक्रमित दुनिया से चल बसे हैं।
इनकी टूट गई सांसें
महात्मा गांधी अस्पताल में गंगलाव तालाब बकरा मंडी निवासी प्रदीपसिंह ( 50), गंगलाव व्यास पार्क लोढ़ों की गली निवासी सुरेश चंद जोशी ( 74) की भी कोरोना से मौत हो गई। जालप मोहल्ला जालोरी गेट निवासी डॉ. अनिल ( 61), शास्त्रीनगर निवासी गीता परमार (45 ), श्रीराम हॉस्पिटल के पीछे प्रेम नगर बनाड़ रोड हनुमानसिंह (75 ), शेरगढ़ निवासी देद्डू निवासी जमनादेवी ( 64), रातानाडा निवासी रतनसिंह सोलंकी (63 ) व जोधपुर निवासी परसराम ( 80) की मौत हो गई। एम्स जोधपुर में पाल बालाजी निवासी कैलाश गोदारा ( 48) व रातानाडा निवासी जगदीश चंद्र गोयल ( 84) का भी निधन हो गया।
बुजुर्ग घर में ही रहे
चिकित्सकों के अनुसार कोरोना संक्रमण का सर्वाधिक खतरा बुजुर्गों को है। वे इन दिनों घर में ही रहे। इसके अलावा बीमार लोग भी बाजारों में न घूमे। वहीं गर्भवतियों के लिए भी ये समय अनुकूल नहीं है। गर्भावस्था के कारण वे भी जल्द संक्रमण की चपेट में आ सकती है।
तीन दिन में 25 सौ पार
संक्रमितों का आंकड़ा पिछले तीन दिन से लगातार अनचाहा रिकॉर्ड बना रहा है। 18 नवम्बर को 600 पार भी रिकॉर्ड बना, इसके बाद 19 नवम्बर को 918 संक्रमित भी तब के सबसे ज्यादा थे और 20 नवम्बर को 1080 संक्रमित अब तक के सबसे ज्यादा है। प्रशासनिक अमला इस बढ़ते रिकॉर्ड को रोकने की जुगत में लगा हुआ है।