जोधपुर

आज भी क्रॉनिक डिजीज के हजारों मरीज घरों में, जोधपुर में इनकी सैंपलिंग होना शेष

सैंपलिंग के मामले में जोधपुर पूरे प्रदेश में अव्वल है। इस बीच सच्चाई ये भी है कि शहर में अभी तक क्रॉनिक डिजीज के हजारों मरीज घरों में हैं, जिनकी सैंपलिंग होना शेष है। ये वे मरीज हैं, जो शारीरिक रूप से बाहर निकलने में भी असमर्थ है।
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corona sampling of chronic disease patients is due in jodhpur
आज भी क्रॉनिक डिजीज के हजारों मरीज घरों में, जोधपुर में इनकी सैंपलिंग होना शेष

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. सैंपलिंग के मामले में जोधपुर पूरे प्रदेश में अव्वल है। इस बीच सच्चाई ये भी है कि शहर में अभी तक क्रॉनिक डिजीज के हजारों मरीज घरों में हैं, जिनकी सैंपलिंग होना शेष है। ये वे मरीज हैं, जो शारीरिक रूप से बाहर निकलने में भी असमर्थ है। इनमें बुजुर्गों से लेकर असाध्य रोगी तक शामिल हैं। इन सभी की जांच कब होगी, इसको लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं है।

कई लोगों की जानकारी सर्वे तक सिमटी
जानकारों के अनुसार ऐसे मरीजों की जानकारी सर्वे में है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डोर टू डोर करवाए गए सर्वे में ऐसे मरीजों की जानकारी अंकित है। इनमें जो बुखार पीडि़त हैं या फिर कोरोना लक्षण वाले हैं, उनकी प्रशासन ने जांच करवाई है। जबकि असाध्य रोगी, लकवा रोगी, गठिया सहित अन्य कारणों से चलने-फिरने में असक्षम लोगों तक स्वास्थ्य विभाग डोर टू डोर जांच करने नहीं पहुंचा है।

जबकि योजना बनाकर ऐसे लोगों की जांच होनी चाहिए। क्योंकि ऐसे मरीजों के घर से एक व्यक्ति रोजमर्रा में किसी कार्य से बाहर निकलता है, ऐसे में इन रोगियों को कोरोना होने के चांस बढ़ रहे हैं। जबकि चांदपोल में एक केस में घर बैठे रोगी को कोरोना हो गया था। उनकी मौत हो गई। ये भी हैं कि जोधपुर में कई मरीजों में कोरोना असिम्टोमेटिक भी है, जो ज्यादा खतरनाक हैं।

इनका कहना हैं...
हमारे पास ऐसे लोगों की सूची बनी हुई है। जो अपडेट भी हो रही है। ऐसे लोगों को कॉल करके भी बुलाया भी जा रहा है।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ

Published on:
26 May 2020 10:10 am