
अविनाश केवलिया/जोधपुर. कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट पर्यटन और टूरिज्म इंडस्ट्री पर तो प्रत्यक्ष रूप से देखा ही जा रहा है। अब सरकारी सिस्टम भी अप्रत्यक्ष रूप से इसकी चपेट में आ रहे हैं। यों तो बचाव के लिए सभी विभाग जुटे हुए हैं, लेकिन एक और इफेक्ट मार्च क्लोजिंग को प्रभावित करने वाला रहा। जोधपुर डिस्कॉम का वसूली अभियान इससे प्रभावित होता नजर आ रहा है। करीब 500 करोड़ से अधिक की वसूली बाकी है। जिनमें सबसे ज्यादा सरकारी विभागों की आउडस्टैंडिंग हैं। लेकिन अब वसूली में पसीने छूट रहे हैं।
करीब 96 प्रतिशत के आस-पास हुई वसूली
12 हजार करोड़ की वार्षिक वसूली का टारगेट जोधपुर डिस्कॉम के सभी 10 जिलों में मिलाकर रखा गया है। करीब 96 प्रतिशत के आस-पास अब तक वसूली हुई है। लेकिन अब भी सबसे बड़ी वसूली सरकारी विभागों से होनी है, लेकिन अभी सरकारी का पूरा फोकस कोरोना पर है, ऐसे में नया बजट नहीं जारी हो रहा है।
443 करोड़ की सरकारी वसूली अटकी
पीएचइडी, पुलिस विभाग, जनता जल योजना सहित अन्य विभागों सबसे ज्यादा पेडिंग है। सबसे ज्यादा पीएचइडी का 140 करोड़ की राशि बकाया है। शत-प्रतिशत इन विभागों की राशि नहीं आती है तो इस वित्तीय वर्ष में 100 प्रतिशत वसूली लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।
उद्योग-व्यापार प्रभावित
डिस्कॉम की बड़ी राशि उद्योग-व्यापार भी कोरोना से प्रभावित होने के कारण अटकी हुई। किसानों के विरोध के कारण भी कुछ क्षेत्रों में कृषि कनेक्शन की वसूली भी नहीं हुई। मार्च में 650 करोड़ का मासिक टारगेट रखा गया था, लेकिन हर साल अंतिम माह में 150 प्रतिशत तक वसूली होती है, इस बार अब तक 50-55 प्रतिशत ही वसूली हुई है।
इनका कहना...
वसूली करने के प्रयास कर रहे हैं। हमारे अधिकारियों व कर्मचारियों को पूरी तरह से सावधानी बरतने को कहा गया है। उम्मीद है कि सरकारी विभागों की आउडस्टैंडिंग क्लीयर होगी तो स्थिति सुधरेगी।
- अविनाश सिंघवी, प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम