
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. पिछले 54 दिनों की बात करें तो जोधपुर शहर में अब तक 16 लाख की आबादी में से महज 1000 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं। ये आंकड़ा प्रतिशत के आधार पर देखे तो 0.060375 प्रतिशत आबादी को ही कोरोना हुआ है। इस मायने में कोरोना ने अब तक शहर की 1 प्रतिशत आबादी को भी नहीं छू पाया। जबकि जिले से आंकलन करें तो 36 लाख की आबादी पर महज 0.0268611111 लोग संक्रमित हुए हैं। जो जोधपुर के लिए तेजी से स्प्रेड होने वाली बीमारी में राहत भरी बात है। इसी क्रम में आने वाले समय में कोरोना से जोधपुर को कितना खतरा होगा, क्या शहरवासी आम जिंदगी आने वाले समय में गुजार पाएंगे? इन्हीं बातों को लेकर राजस्थान पत्रिका ने विशेषज्ञों से बातचीत की।
दो साल तक अवेयर रहने की जरूरत
कोरोना वायरस हमारे समाज से इतने जल्दी नहीं जाएगा। स्वाइन फ्लू बार-बार आता रहता है, कोरोना वायरस उसी तरह लंबे समय तक हमारे कम्यूनिटी में रहेगा। वर्तमान स्थिति में ये ढर्रा दो साल तक रहेगा। हालांकि इसका बिहेवियर पर अभी अध्ययन चल रहा है। शहर में इसका कम प्रतिशत आना शहर की जनता की जागरूकता व अनुशासन का नतीजा है। कोरोना फैमेली में यह वायरस नया है। इसलिए इसके बिहेवियर व अनुभव को फिलहाल समझा जा रहा है।
- डॉ. अरविंद माथुर, पूर्व प्रिंसिपल, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज और वरिष्ठ फिजिशियन
6 माह तक मास्क अनिवार्य करना होगा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस खत्म नहीं होगा। जब तक हमारी हर्ड इम्यूनिटी नहीं बनती, तब तक रहेगा। मेरा मानना हैं कि छह माह तक मास्क शहरवासियों को बांधना पड़ेगा। इसमें जब तक 60 प्रतिशत आबादी को संक्रमण नहीं हो जाता है, तब तक इंफेक्शन रहेगा। वैक्सीन बनने में कम से कम सितंबर तक का समय लगेगा। ये बात जरूर है कि धीरे-धीरे स्वाइन फ्लू की तरह हो जाएगा। अभी भी हमारे देश में 90 प्रतिशत लोग ऐसे संक्रमित है, जिनमें लक्षण नहीं है।
- डॉ. विभोर टाक, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स जोधपुर