
जोधपुर. नकली व अमानक दवाइयों को लेकर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जोधपुर में बच्चों को लगाने वाले नकली वैक्सीन तक पकड़े जा चुके हैं। वहीं बुखार सहित अन्य तरह की गोलियां भी पेट में जाकर घुल नहीं रही हैं। इस कारण शरीर में कई तरह के साइड इफैक्ट तक आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक कम मात्रा में शरीर में पहुंची दवाइयों से कीटाणुओं की रेजिस्टेंट पॉवर तक बढ़ रही है। जो भी शरीर के लिए घातक है।
हर दवा के घुलने का एक परफेक्ट टाइम है: डॉ. किशोरिया
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. नवीन किशोरिया ने बताया कि हमारे शरीर में कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं, जिनके घुलने का परफेक्ट टाइम होता है। जैसा कि डायबिटीज की मेटफोरमिन दवा है, इसमें ज्यादा तीव्रता से घुलती है तो मरीज के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इस दवा का घुलने का निश्चित समय तय कर रखा है। इसके बाद तय समय में नहीं घुलने वाली दवाइयां उल्टी, दस्त और पेट जख्म तक पैदा कर देती है।
अमानक एंटीबायोटिक पहुंचाती है ज्यादा नुकसान: डॉ. बोहरा
एम्स जोधपुर के जनरल मेडिसिन विभाग में सहआचार्य डॉ. गोपाल कृष्ण बोहरा के अनुसार शरीर में कीटाणुओं का खात्मा करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं मरीजों को दी जाती हैं। यदि एंटीबायोटिक दवाओं में यदि मानक अनुरूप सॉल्ट नहीं है तो भविष्य में मरीजों का मर्ज दूर करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि शरीर के जीवाणु ताकतवर हो जाते हैं। इसके बाद मरीज का स्वास्थ्य दुरुस्त करने के लिए महंगी दवाइयों का इस्तेमाल तक करना पड़ सकता है, जो साधारण आदमी की पहुंच से बाहर हैं।