
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और दिनेश मेहता की खंडपीठ ने एक दिव्यांग महिला अभ्यर्थी को सत्र 2019-20 में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश देने के आदेश दिए हैं। जोधपुर निवासी गीतिका तंवर की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि उसने नीट-2017 में एससी विकलांग श्रेणी में आवेदन किया था। नीट में प्रत्येक श्रेणी में 5 प्रतिशत सीट विकलांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित थी और उसकी श्रेणी में भी 55 सीट आरक्षित थी। ज्यादा अंक आने के बावजूद एमसीआइ ने यह कहते हुए उसका प्रवेश निरस्त कर दिया कि उसके शरीर के ऊपरी हिस्से में विकलांगता है।
कोर्ट ने 4 दिसंबर 2017 को मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच करने के निर्देश दिए जिसमें उसे फिट बताया गया। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने नीट के समन्वयक को याचिकाकर्ता की अभ्यर्थिता स्वीकार करने के अंतरिम आदेश दिए। इसके बावजूद उसे प्रवेश नहीं देने पर याचिकाकर्ता की ओर से फिर से आग्रह किया कि अंतरिम आदेश देने के बावजूद उसे एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश नहीं दिया गया।
एमसीआइ ने कहा सीट खाली नहीं
एमसीआइ की ओर से कहा गया कि सीट खाली नहीं होने की वजह से सत्र 2018-19 में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने सभी पक्ष सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता की अभ्यर्थिता गलत खारिज की गई थी। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए अगले सत्र 2019-20 में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला देने के एमसीआइ को निर्देश दिए हैं।