
अमित दवे/जोधपुर. मारवाड़ सहित जिले में मध्य एशिया पर उच्च दाब के बाद बने चक्रवातों के कारण पश्चिमी राजस्थान में आकाश की स्वच्छता मेघाच्छन्न की स्थिति बनने से राजस्थान में हुई ‘मावठ’ की वर्षा फसलों पर अमृत के रूप में बरसी। इससे जिले में सभी स्थानों पर 2 से 10 मिमी के बीच बारिश हुई। किसानों पर इस बार खरीफ कटाई के समय हुई बेमौसम बरसात से लेकर लगातार ओलावृष्टि, पाला गिरने व टिड्डी के रूप में आफ त बरस रही है। इस बीच मावठ से रबी फ सलों को फ ायदा पहुंचने की उम्मीद ने किसानों को थोड़ी मुस्कान का मौका दिया है। जनवरी माह में बरसात से सेवज से बोई रबी फ सलों समेत गेहंू, चना, मैथी, सरसों, अरंडी, प्याज, लहसुन, इसबगोल व अगेती जीरा को छा़ेडकऱ सभी फसलों के लिए वरदान साबित होगी।
बुवाई रकबा हैक्टेयर में
फसल----- बुवाई
जीरा --- 165000
रायड़ा --- 110000
गेहूं --- 65000
चना --- 30000
इसबगोल --- 25000
तारामीरा --- 20000
मैथी --- 5000
अन्य --- 10000
कुल --- 430000
फसलों के लिए जीवन
मावठ की पहली बारिश रबी सीजन की फसलों के लिए जीवनदायिनी है। यह बरसात फसलों के लिए अच्छी साबित होगी।
वीएस सोलंकी, उप निदेशक, कृषि विस्तार, जोधपुर
फसलों को होगा फायदा
मावठ से किसानों को रबी फ सलों में फ ायदा होने की उम्मीद है। बरसात से सिंचित फ सलों में पाला गिरने की संभावना भी कम हो गई। वही जिले में इस बार खरीफ सीजन के अंत में बरसात होने से बढ़ी नमी के कारण सेवज का भी रकबा बढ़ा था। मावठ से इन फ सलों को बहुत अच्छा फ ायदा मिलेगा।
तुलछाराम सिंवर, आंदोलन व प्रान्त प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ, जोधपुर