
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पीजी डिप्लोमा कोर्स इन लेबर लॉ, लेबर वेलफेयर एण्ड पर्सनल मैनेजमेंट (डीसीएलएल) पाठ्यक्रम की आवेदन से चार दिन पहले 6 अगस्त को प्रवेश सूची जारी करने के मामले में सोमवार को एबीवीपी ने तीन घण्टे तक विरोध प्रदर्शन किया।
छात्र कुलपति कक्ष में ही उनके सामने धरने पर बैठ गए। आखिर प्रदर्शन के दौरान विवि प्रशासन ने आदेश संख्या 3161 निकालकर डीसीएलएल की सूची 10 अगस्त को दौबारा जारी करने और समस्त योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश देने की बात कही। कुछ देर बार अन्य छात्रों के दबाव में विवि प्रशासन ने संशोधित आदेश संख्या 3162 निकालकर छह अगस्त की सूची में प्रवेश ले चुके छात्र नेताओं का प्रवेश बने रहने की पंक्ति जोड़ दी। विवि प्रशासन के इस दोहरे रवैए को लेकर छात्रों में रोष है।
यह है मामला
विवि ने स्नातकोत्तर और स्नातकोत्तर डिप्लोमा में प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त है। विवि ने 6 अगस्त को एक मात्र डिप्लोमा पाठ्यक्रम डीसीएलएल की सूची जारी की। इसके जरिए विवि ने छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के तीन प्रत्याशियों को एडमिशन दिया, जबकि नियमानुसार आवेदन की अंतिम तिथि से पहले न तो कट ऑफ जारी होती है और न ही प्रवेश सूची।
कोर्ट में दिया एडमिशन का हवाला
दरअसल सोमवार को चार छात्र नेताओं के चुनाव लडऩे की योग्यता-अयोग्यता के संबंध में हाईकोर्ट में सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान इस एडमिशन को छात्र नेताओं ने आधार बनाया।
एबीवीपी के कार्यकर्ता डटे रहे
एबीवपी ने सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे प्रांत मंत्री अविनाश खारा, राजवीर सिंह, उर्मित शर्मा, मोतीसिंह, कैलाश प्रजापत, काजल के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया।