
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गुलाब सिंह चौहान छात्रसंघ चुनाव में 9 वोट से हारने वाले एबीवीपी के प्रत्याशी मूलसिंह की अपील सुनने के 18 दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। तीन दिन बाद विवि में दिवाली की छुट्टियां शुरू हो रही हैं। इस दौरान करीब 11 दिनों तक विवि बंद रहेगा। ऐसे में अगले 3 दिन तक सरकार, समाज और छात्रों की निगाहें कुलपति कार्यालय पर टिकी रहेंगी। कुलपति प्रो. चौहान ने 6 अक्टूबर को पदभार संभाला था। इसके बाद 11 अक्टूबर को छात्रसंघ चुनाव विवाद को लेकर पराजित प्रत्याशी मूलसिंह की आपत्तियों के साथ अन्य छात्र प्रतिनिधियों और विवि की निर्वाचन टीम का पक्ष सुना और निर्णय के लिए ‘कुछ समय’ मांगा था। लेकिन 18 दिन बाद भी निर्णय की सुगबुगाहट तक नहीं है।
हर कोई फैसले को लेकर उत्सुक
छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील चौधरी अक्सर विवि में देखे जा रहे हैं। महासचिव बबलू सोलंकी को न कोई कार्यालय मिला और न ही विवि की किसी संस्था में कोई पद। वे भी भारी मन से दो-तीन बार कुलपति से मिले लेकिन कुलपति ने अपने अदांज में ‘शुभ-शुभ बोल भई’ का आश्वासन दे दिया। मूलसिंह भी प्रतिदिन कुलपति कार्यालय में पूछताछ करते रहते हैं कि आखिर उनका विरोध कहां तक जाएगा।
11 सितम्बर से शुरू हुआ सफर
जेएनवीयू में छात्रसंघ के लिए मतदान 10 अक्टूबर और मतगणना 11 अक्टूबर को हुई थी। एपेक्स अध्यक्ष पद पर 9 वोट से एनएसयूआइ के सुनील चौधरी को विजेता घोषित किया तब एबीवीपी प्रत्याशी मूल सिंह ने गायब हुए 33 मत, खारिज किए गए 568 मत सहित 20 बिंदुओं पर आपत्तियां दी थी। 22 सितम्बर को विवि की ग्रीवेंस कमेटी ने आपत्ति सुनकर नकल प्रकरण को लेकर मूलसिंह का नामांकन खारिज करने की सिफारिश की। तत्कालीन कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा ने मूल सिंह की अपील पर 13 अक्टूबर को अंतिम निर्णय करने की बात कही थी। लेकिन पांच दिन पहले नए कुलपति प्रो. चौहान आ गए। उन्होंने 11 अक्टूबर को ही अपील सुन ली, निर्णय का इंतजार है।
जल्द आएगा निर्णय
‘इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय सुनाऊंगा। मुझे भी कुछ समय चाहिए।
प्रो. गुलाबसिंह चौहान, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर