जोधपुर

जोधपुर में मच्छरजनित बीमारियां रोकने में नाकाम चिकित्सा विभाग, दो दिन में डेंगू के 12 मरीज आए सामने

शहर के हर इलाके में मच्छरजनित बीमारियां फैल चुकी हैं। डेंगू के केस लगातार सामने आ रहे हैं। जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारियों पर काबू पाने में फैल साबित हो रहा है। शहर में विभाग की टेमिफोस के छिडक़ाव व एंटी लार्वा गतिविधियों के विभागीय दावों के बाद भी कई क्षेत्रों से मरीज आ रहे हैं।
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dengue and malaria outbreak in jodhpur
जोधपुर में मच्छरजनित बीमारियां रोकने में नाकाम चिकित्सा विभाग, दो दिन में डेंगू के 12 मरीज आए सामने

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. शहर के हर इलाके में मच्छरजनित बीमारियां फैल चुकी हैं। डेंगू के केस लगातार सामने आ रहे हैं। जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारियों पर काबू पाने में फैल साबित हो रहा है। शहर में विभाग की टेमिफोस के छिडक़ाव व एंटी लार्वा गतिविधियों के विभागीय दावों के बाद भी कई क्षेत्रों से मरीज आ रहे हैं। एमडीएम अस्पताल भी डेंगू से अछूता नहीं रहा है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में रहने वाले एमबीबीएस फाइनल के स्टूडेंट्स का डेंगू पॉजिटिव आया है।

एमडीएम अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी डेंगू होने की आशंका है। राज्य सरकार बारिश का सीजन शुरू होते ही मच्छरजनित बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी कर देती है। स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन की ओर से आयोजित बैठकों में बीमारियों पर रोकथाम के तमाम दावे करता है पर मच्छरों पर नियंत्रण तक नहीं हो पा रहा। नगर निगम की टीमें एक वार्ड के कुछ इलाके में फोगिंग कर लौट जाती है। हकीकत यह है कि एक भी वार्ड के सम्पूर्ण क्षेत्र में फोगिंग नहीं हो रही।

दो दिन में आए डेंगू के 12 रोगी
शहर के मथुरादास माथुर, महात्मा गांधी अस्पताल और उम्मेद अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में शहर के साथ देहात और संभाग के अन्य जिलों से डेंगू के मरीज इलाज के लिए आ रहे है। इनमें ज्यादातर मरीज शहर व जिले के हैं। गत दो दिनों में डेंगू के 12 मरीज सामने आ चुके हैं।

इनका कहना है...
जनता को भी जागरुक रहने की जरूरत है। सडक़ व घर के आसपास पानी इकट्टा नहीं होने दें। हमारी टीमें लगातार काम कर रही है। जहां से केस निकल रहे हैं, वहां गंदगी ज्यादा है। हम लगातार एंटी लार्वल गतिविधियां कर रहे हैं।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ

पूरे संभाग में मौसमी बीमारियों ने पसारे पांव, डॉ. राठौड़ ने जताई नाराजगी
संभाग के सभी जिलों में मौसमी बीमारियों ने पांव पसार लिए हैं। संयुक्त निदेशक (चिकित्सा और स्वास्थ्य) डॉ. युद्धवीरसिंह राठौड़ ने शनिवार को आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों के कामकाज में ढिलाई बरतने पर फटकार लगाई। डॉ. राठौड़ ने कहा कि कांगो, स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया व स्क्रब टाइफस संबंधित बीमारियों को रोकने के लिए सीएमएचओ व पीएमओ को निर्देश दिए। सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को रिबाविरीन दवा क्रय करने और सभी अस्पतालों के पीएमओ को माइक्रोबायोलोजिस्ट व लैब टेक्निशियन को 23 सितंबर को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण दिलाने और सभी सीएमएचओ को एनपीआर रिपोर्ट भिजवाने को कहा गया है।

चिकित्सा विभाग पशुपालन विभाग के जरिए बाड़ों, गोशालाओं व फार्म हाउस पर साइपरमेथिन का स्प्रे कराने के लिए कहा। साथ ही पशुओं के ब्लड सैंपल, टीक व माइट के सैंपल भरने के लिए पशुपालन विभाग को भी स्वास्थ्य विभाग आग्रह करेगा। स्वास्थ्य विभाग को आइसीसी गतिविधियां करने को कहा है। बैठक में उपनिदेशक डॉ. सुनील बिष्ट, डॉ. बलवंत मंडा, डॉ. प्रीतमसिंह व संभाग के सभी जिलों के सीएमएचओ व अन्य जिला अस्पतालों के पीएमओ मौजूद थे।

फैक्ट फाइल

65 डेंगू के पॉजिटिव
19 मलेरिया के पॉजिटिव
2 चिकनगुनिया के पॉजिटिव
1.75 लाख से अधिक जगह पर टेमिफोस व एमएलओ का छिडक़ाव
2 सौ से अधिक जलभराव क्षेत्रों में छोड़ी गंबुशिया मछली

Updated on:
22 Sept 2019 11:41 am
Published on:
22 Sept 2019 11:41 am