
जोधपुर।
पिछले लंबे समय से शिकायतों व विभागीय जांचों से घिरे खान विभाग के सहायक खनिज अभियंता (एएमई) की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) पर रोक लग गई है। राज्य सरकार ने हाल ही एक आदेश जारी एएमई के खिलाफ चल रही विभागीय जांचों का हवाला देते हुए वीआरएस को अस्वीकार किया है। जोधपुर के एएमई रणजीतसिंह चौहान के विरूद्ध रिश्तेदारों को खान आवंटन व अनियमितताओं को लेकर शिकायतों की गई थी। जिनकी जांच विचाराधीन है।
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दबाकर बैठे है एसएमएस अनुमोदन की फाइलें
एक ओर जहां एएमई चौहान के विरूद्ध विभागीय जांचों व शिकायतों के चलते वीआरएस कैन्सिल कर दिया है। वहीं इन्होंने खानधारकों की ओर से प्रस्तुत सिम्प्लीफाइड माइनिंग स्कीम (एसएमएस) अनुमोदन का काम भी अटका रखा है। खानधारक पिछले 6 माह से अपने क्वारी लाइसेंसों (छोटी खानें, जो 1 हैक्टेयर से कम क्षेत्र में विकसित हो) के एसएमएस अनुमोदन व क्वारी लाइसेंसों के हस्तांतरण जैसे कार्यो को लेकर चक्कर काट रहे है, लेकिन उनके काम नहीं हो रहे है। खनिज अभियंता जोधपुर की ओर से क्वारी लाइसेंसों के कुछ क्षेत्रों के लिए एएमई चौहान को अधिकृत किया गया था। इसके पीछे यह मंशा थी कि खानधारकों के कामों का निस्तारण जल्द होगा और उन्हें राहत मिलेगी। इसके विपरीत एएमई एसएमएस अनुमोदन कार्य न कर फाइलें दबाकर बैठे है। एसएमएस में खान में पत्थर उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, प्लांटेशन, पानी के छिड़काव व खनन संचालन संबंधित जानकारी देनी होती है।
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इन क्षेत्रों के लिए अधिकृत
एएमई चौहान जिले के केरू ए, दंताला, नाइयो की बेरी, उखलिया, उखलिया ए व बी, मोरभाखरी, ढूंढाली, पालड़ी मांगलिया, घोड़ा घाटी, गदियानाडा, भूरीबेरी, खेजड़ला, बिराई, पुराना किला, सोवनिया, कांकिया, मगरा, अरण-ए, हनुमानसागर, मगजी की घाटी, भदरेसिया, देवलिया, मगरा, गोलासनी, मण्डोर घाटी, बालसमंद व केरू क्षेत्रों की करीब 3 हजार क्वारी लाइसेंसों के एसएमएस अनुमोदन के लिए अधिकृत है।
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एसएमएस अनुमोदन का चार्ज सहायक खनिज अभियंता के पास है। खानधारकों की ओर से पेश एसएमएस में से कितनों का अनुमोदन हुआ। इसके लिए सहायक खनिज अभियंता अधिकृत है, वे ही जानकारी दे पाएंगे।
श्रीकृष्ण शर्मा, खनिज अभियंता
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