
जोधपुर.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से करवड़ गांव के खसरा नम्बर 301 में स्थित 23 माइनिंग लीजों को बंद करने के आदेश की अवहेलना की जा रही है।
इस संबंध में करवड़ गांव निवासी हेमाराम हरिजन ने सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप उक्त लीजों में माइनिंग ब्लास्टिंग को बंद करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम करवड़ के खसरा नंबर 301 में स्थित 23 माइनिंग लीजों के ब्लास्टिंग प्रभाव से लोगों को जान-माल व अन्य की हानि हो रही है।
इसकी शिकायत एनजीटी में करने पर एनजीटी ने सभी पक्षकारों को सुनने के बाद गत 2 नवंबर को माइनिंग ऑपरेशन तुंरत प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया। साथ ही, जिला कलक्टर को एक माह में अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देशित किया। उसके बावजूद एनजीटी न्यायालय के आदेश की पालना नहीं हो रही है और रोक के बावजूद माइनिंग ब्लास्टिंग की जा रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि इस संबंध में ग्रामीणों ने क्षेत्र के पुलिस थानाधिकारी को रिपोर्ट दी, लेकिन उचित कार्यवाही नहीं हुई। रोक के बावजूद तीन दिन पहले 10 नवंबर को माइनिंग लीज होल्डर ने ब्लास्टिंग किया। इस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने बताया कि कई क्रेशर और माइनिंग लीज चालू हालत में है, इस पर सीज की कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीण राहत की सांस ले।