
जोधपुर. देश में सीएए को लेकर मचे बवाल के बीच माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जोधपुर में रहने वाली पाक विस्थापित छात्रा डमी का बारहवीं की परीक्षा का आवेदन पात्रता प्रमाण-पत्र के अभाव में रोक दिया। ऐन वक्त पर शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा के हस्तक्षेप से डमी को परीक्षा देने की अनुमति मिल गई। डोटासरा ने आश्वस्त किया कि जरूरी हुआ तो नियमों में परिवर्तन करेंगे, लेकिन डमी को परीक्षा बैठने से नहीं रोका जाएगा।
दरअसल, जोधपुर में रह रही पाक विस्थापित छात्रा डमी से जोधपुर से 11वीं पास की थी और यहीं से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली 12वीं की परीक्षा का आदेवदन भरा था। लेकिन बोर्ड ने पात्रता प्रमाण पत्र के अभाव में उसका आवेदन लौटा दिया। शाम को समाचार चैनलों में खबर प्रसारित होने के बाद शिक्षा मंत्री डोटासरा के प्रयास से छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई। शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद डमी, उसके परिजन व पाक विस्थापितों में खुशी की लहर दौड़ गई।
चिकित्सक बनना चाहती है डमी
पाकिस्तान के मीरपुर खास में रहने वाला दलित परिवार धार्मिक उत्पीडऩ से परेशान होकर भारत आने के बाद जोधपुर के आंगणवा में रहने लगा। इसी परिवार की डमी ने मीरपुर से दसवीं की परीक्षा पास की थी। यहां आने के बाद डमी को सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सैकंडरी स्कूल मगरा पूंजला में भर्ती करा दिया। उसने साइंस बायोलॉजी विषय में 11वीं की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण की। भविष्य में चिकित्सक बनने का संपना संजो रही डमी का 12वीं परीक्षा का आवेदन भरा था जो बोर्ड ने पात्रता प्रमाण-पत्र के अभाव में रोक दिया।
पात्रता का तात्पर्य ही गलत: सोढ़ा
सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिन्दूसिंह सोढ़ा ने कहा कि हमने स्कूल के जरिए नोटिफिकेशन बोर्ड को भिजवाने को दिया था। इसको लेकर डमी की स्कूल और बोर्ड के बीच कई दिनों से संवाद चल रहा था। जबकि केंद्र सरकार के आदेश पर राज्य सरकार के गृह विभाग गु्रप (4) ने भारत में स्थाईवास चाहने के उद्देश्य से रह रहे पाक नागरिकों के बच्चों की शिक्षा के सम्बंध में वर्ष 2011 में विशेष आदेश जारी किए थे।
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डमी को दिलाएंगे परीक्षा
'हमने पाकिस्तानी दूतावास को चिट्टी लिख के सिलेबस भेजने को कहा है। यदि जवाब निगेटिव आता है तो भी हम बच्ची को परीक्षा में बैठाएंगे। इसके लिए नियमों में परिवर्तन करना पड़ेगा तो वो भी करेंगे।
- गोविंदसिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री
मिल गई अनुमति
'शिक्षा मंत्री से बच्ची को परीक्षा में बिठाने की अनुमति मिल गई है। पात्रता सर्टिफिकेट माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मुहैया करवाता है। इसके लिए दूसरे देश के बोर्ड का माइग्रेशन सर्टिफिकेट, टीसी व मार्कशीट मंगवाई जाती है। उसके बाद संबंधित देश के दूतावास को पत्र भेजा जाता है।
- प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग, जोधपुर मंडल