जोधपुर

जन्म चिह्न के आधार पर भर्ती से अयोग्य ठहराना न्यायोचित नहीं: कोर्ट

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जन्म चिह्न के आधार पर बिना यह निष्कर्ष निकाले कि अभ्यर्थी अपनी ड्यूटी निर्वहण के लिए अनफिट रहेगा, भर्ती से अयोग्य ठहराने को न्यायोचित नहीं माना है।
less than 1 minute read
Feb 11, 2021
जन्म चिह्न के आधार पर भर्ती से अयोग्य ठहराना न्यायोचित नहीं: कोर्ट
जन्म चिह्न के आधार पर भर्ती से अयोग्य ठहराना न्यायोचित नहीं: कोर्ट

कोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल को अभ्यर्थी को चार सप्ताह में हैड कांस्टेबल (रेडियो मैकेनिक) के पद पर अन्यथा योग्य व वरीयताधारक होने पर नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में एक अभ्यर्थी ने बीएसएफ द्वारा भर्ती से अयोग्य ठहराने को चुनौती दी थी। याची की ओर से अधिवक्ता रमित मेहता ने कहा कि अभ्यर्थी ने लिखित व शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी, लेकिन अभ्यर्थी के दाहिने हाथ में जन्म चिह्न होने से उसे चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित करते हुए भर्ती से बाहर कर दिया गया। मेहता ने कहा कि जन्म चिह्न बीएसएफ का कत्र्तव्य निर्वहण में कभी बाधक नहीं बन सकता। याची शारीरिक रूप से दक्ष है और उसने शारीरिक दक्षता के सभी टेस्ट उत्तीर्ण किए हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ में भर्ती दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा जन्म के निशान के संबंध में यह स्पष्टीकरण दिया जाना आवश्यक है कि यह अभ्यर्थी के दायित्व निर्वहण में कैसे बाधक होगा। जबकि इस मामले में मेडिकल बोर्ड ने ऐसा कोई तथ्य प्रकट नहीं किया है।

Published on:
11 Feb 2021 08:27 pm