
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इस बार पोस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन के स्थान पर राशन का गेहूं मोबाइल से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए दिया जाएगा। रसद विभाग की ओर से शहर में राशन की सभी 325 दुकानों पर गेहूं की आपूर्ति की जा रही है, जहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लाभार्थियों को मार्च और अप्रेल का गेहूं साथ में दिया जाएगा।
उधर शहर में आटा मिल मालिक, चक्की और रोलर फ्लोर मील को भी भारतीय खाद्य निगम के द्वारा निर्धारित मूल्य पर गेहूं देने की व्यवस्था की जा रही है, जिसकी मॉनिटरिंग जिला रसद अधिकारी करेंगे। उत्पादित आटे के मूल्य का निर्धारण पिसाई की लागत, बची हुई चापड़ की बिक्री, लोडिंग/अनलोडिंग, परिवहन व्यय, पैकिंग, पिसाई व्यय और अन्य लागत को दृष्टिगत रखते हुए किया जाएगा। राज्य सरकार ने आटे में किसी भी प्रकार से अपमिश्रण को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
पुलिस की मांगी सहायता
रसद विभाग ने राशन की दुकान पर अफरा-तफरी को रोकने के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो।
नैफेड दूर करेगा दाल की कमी
प्रदेश के कई जिलों में आवश्यक दाल का भंडारण नहीं है। रविवार को इस संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर कलेक्टर्स को नैफेड के जरिए दाल खरीदने के लिए कहा है। इस दाल की आपूर्ति होलसेल की दुकानों, रिटेलर्स में की जाएगी। यह खरीद कलक्टर के जरिए होगी। दुकानदार सीधे नैफेड से माल नहीं खरीद सकेंगे।