जोधपुर

10 साल की उम्र में हुए एक्सीडेंट के बाद चलना भी हुआ मुश्किल, आज कर रही टोक्यो पैरा ओलंपिक की तैयारी

सुमन की शादी सीकर में हुई। विकलांग होने के कारण ग्रेजुएट सुमन नौकरी की आस छोड़ चुकी थी। सुमन के देवर, जो पैरा प्लेयर है, ने सुमन को खेलों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। सुमन ने डिस्कस थ्रो व शॉर्ट पुट खेलों की तैयारी की।
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divyang player suman dhaka is preparing for tokyo paralympics
10 साल की उम्र में हुए एक्सीडेंट के बाद चलना भी हुआ मुश्किल, आज कर रही टोक्यो पैरा ओलंपिक की तैयारी

अमित दवे/जोधपुर. वर्ष 2000 में दस साल की उम्र में एक एक्सीडेंट में पैर चोटिल हो गया। पैर के पंजे की गहरी चोट के कारण सामान्य चलने में भी असमर्थ हो गई। विकलांगता को हावी नहीं होने दिया और बारह वर्ष बाद यानी वर्ष 2012 में एक गृहणी नेशनल प्लेयर बन गई। पहली बार में ही दो खेलों में सिल्वर मेडल जीते। यह है सीकर की सुमन ढाका, जो जोधपुर में हो रहे पैरा स्पोट्र्स मीट में भाग लेने के लिए आई है। सुमन का लक्ष्य आगामी अगस्त माह में टोक्यो में होने वाले पैरा ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है।

देवर ने प्रेरित किया और आगे बढ़ी
सुमन की शादी सीकर में हुई। विकलांग होने के कारण ग्रेजुएट सुमन नौकरी की आस छोड़ चुकी थी। सुमन के देवर, जो पैरा प्लेयर है, ने सुमन को खेलों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। सुमन ने डिस्कस थ्रो व शॉर्ट पुट खेलों की तैयारी की। वर्ष 2012 में बैंगलुरु में हुए नेशनल पैरा टूर्नामेंट में भाग लिया और दोनों खेल स्पर्धाओं में सिल्वर मेडल्स जीते।

6 साल तक लगातार गोल्ड मेडल
नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीतने के बाद सुमन ने पीछे मुडकऱ नहीं देखा और कड़ा अभ्यास करती रही। इसके बाद वर्ष 2013 से 2018 तक हुए नेशनल टूर्नामेंट में सुमन ने दोनों खेलों में गोल्ड मेडल्स जीते।

सर्वोच्च खेल अवॉर्ड से पुरस्कृत
राज्य सरकार ने श्रेष्ठ खेल प्रदर्शन के आधार पर सुमन को प्रदेश का सर्वोच्च खेल अवॉर्ड महाराणा प्रताप पुरस्कार 2017-18 से सम्मानित किया। इसके अलावा वर्ष 2017 में चीन, 2018 में दुबई व वर्ष 2019 में शारजहां में आयोजित ओपन चैम्पियनशिप में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वर्ष 2018 में ही इंडोनेशिया में हुए पैरा एशियन गेम्स में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

सरकार प्रोत्साहन दे तो, बेहतर परिणाम देंगे
सुमन ने बताया कि सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिले तो इससे भी बेहतर परिणाम देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से पैरा ओलंपिक को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि देरी से मिल रही है। समय पर प्रोत्साहन राशि मिले तो, खिलाडिय़ों को जोश मिलता है और वे अपने खेल सुविधाएं, संसाधन विकसित कर खेलों पर ध्यान दे सकते है।

Updated on:
01 Mar 2020 12:22 pm
Published on:
01 Mar 2020 12:22 pm