मौके से भागे ट्रेलर को रुकवाकर लोगों ने कांच फोड़े, चालक को पीटा
जोधपुर .
सिवांची गेट गड्डी रोड पर ब्रेक न लगने की वजह से रविवार देर रात एक ट्रेलर की चपेट से स्कूटर सवार चिकित्सक की मौत हो गई। मौके से भागे ट्रेलर को लोगों ने पीछा कर उम्मेद अस्पताल के बाहर रोक लिया और कांच फोड़ डाले। पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति नियंत्रित की। पुलिस के अनुसार कमला नेहरू नगर निवासी डॉ. मोहम्मद अब्दुल अली का कुम्हारिया कुआं में क्लिनिक है, जहां से देर रात वो स्कूटर पर घर लौट रहे थे। सिवांची गेट गड्डी रोड पर सामने से आ रहे एक ट्रेलर ने स्कूटर को चपेट में ले लिया।
डॉ. अली गम्भीर घायल हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल की आपातकालीन इकाई ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बदहवास परिजन, रिश्तेदार व समाज के लोग अस्पताल पहुंचे। आपातकालीन इकाई के बाहर भीड़ जमा हो गई। सरदारपुरा थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह व अन्य अधिकारी अस्पताल आए। परिजन के आग्रह पर देर रात बगैर पोस्टमार्टम करवाए शव परिजन को सौंपा। प्रतापनगर थाने में दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया है।
क्षेत्रवासियों ने पीछा कर रोका ट्रेलर, चालक को पीटा
स्कूटर को चपेट में लेने के बाद भी चालक ने ट्रेलर नहीं रोका और भगाने लगा। यह देख आस-पास मौजूद लोगों ने पीछा किया और उम्मेद अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर ट्रेलर को रोक लिया। लोगों ने चालक को पीटा और पत्थर आदि से कांच फोड़ दिए। मामला बढ़ता देख पुलिस लवाजमा मौके पर पहुंचा और समझाइश कर स्थिति नियंत्रित की। साथ ही चालक को थाने भिजवाया।
पत्नी के इलाज में व्यस्त था चालक, लैब टैक्निशियन एम्बुलेंस लेकर हुआ था रवाना
जोधपुर. नागौर जिले में गोटन के पास ट्रेन से गिरकर घायल होने वाले युवक को रैफर करने के बाद जोधपुर लाया जाना था। कस्बे में १०८ एम्बुलेंस भी तैयार थी, लेकिन चालक पत्नी का इलाज कराने में व्यस्त था। सरकारी अस्पताल के लैब टैक्निशियन बतौर चालक एम्बुलेंस में मरीज को लेकर जोधपुर के लिए रवाना हो गया था। तेज रफ्तार व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से पुलिस स्टेशन बनाड़ के पास एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर लगे बिजली के पोल से टकराने के बाद गलत दिशा में जाकर पलट गई थी और उसमें सवार नागौर जिले में कुचेरा के पास डारिया खुर्द निवासी रामेश्वर खिडि़या की मौत हो गई थी। बनाड़ थाना पुलिस की अब तक की जांच में यह सामने आया है।
जांच कर रहे हैड कांस्टेबल तेजाराम ने बताया कि गोटन से मरीज लेकर जोधपुर आ रही १०८ एम्बुलेंस को चालक नहीं चला रहा था। चालक की पत्नी बीमार थी। एेसे में वह उसकी जांच कराने अस्पताल गया था। पीछे घायल रामेश्वर को जोधपुर रैफर कर दिया गया था। उसे जोधपुर ले जाना था। तब लैब टैक्निशियन वसीम ने चालक से मोबाइल पर बात की और मरीज को लेकर एम्बुलेंस से रवाना हो गया था।
लैब टैक्निशियन नदारद
एम्बुलेंस के पलटने से रामेश्वर खिडि़या की मौत हो गई थी, जबकि वसीम व ईएमटी रामराकेश जाट घायल हो गए थे। दोनों को एमडीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर भेजा गया था, लेकिन वहां से दोनों गायब हो गए।