
जोधपुर. पाकिस्तान के तीन अल्पसंख्यक हिंदू विद्यार्थी भारत में अपना भविष्य संवारने नीट की परीक्षा देने के लिए नहीं आ पाएंगे। उनको कोविड व अन्य कारणों से वीजा नहीं दिया गया। वे अपना भविष्य संवारने के लिए हिंदुस्तान आना चाहते थे, लेकिन अब उनका यह सपना फिलहाल टूट गया है।
तीन पाकिस्तानी बच्चे अनीता कुमारी, पुष्पा कुमारी और महेश कुमार पाकिस्तान से भारत में नीट की परीक्षा देने के लिए आना चाहते थे। जोधपुर में उनका सेंटर आया और उन्हें एडमिट कार्ड भी जारी हो गया। इसके बाद उन्होंने वीजा के लिए आवेदन किया। भारत में उनके रिश्तेदार डॉ. रवि मेघवाल ने इसके लिए काफी संघर्ष किया, लेकिन अंत तक उनको वीजा नहीं मिल सका। ऐसे में अब परीक्षा देने नहीं आ पाएंगे। रवि का कहना है कि पाकिस्तान में डर सताता है इसलिए ये बच्चे भारत में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते थे। इससे पहले भी हर साल पाकिस्तान से बच्चे परीक्षा देने के लिए हिंदुस्तान आते रहे हैं। पिछले पांच साल में ऐसे 30 से ज्यादा बच्चे हैं तो अपना भविष्य तलाशते हिंदुस्तान आए और अब यहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।