
अमित दवे/जोधपुर. खनन क्षेत्रों में ड्रिलिंग के दौरान निकलने वाली सिलिकायुक्त धूल से बचाएगी कनाडा की हाई टेक्नोलॉजी वाली मशीन। यह मशीन न केवल नई तकनीक से डस्ट कलेक्ट करेगी बल्कि उक्त आसपास के खनन क्षेत्र में ड्रिलिंग से हो रहे वायु प्रदूषण को भी कम करेगी। इस मशीन को न्यूमेटिक डस्ट कलक्टर कहा जाता है, जो कनाड़ा की एटलस कोपको लिमिटेड की ओर से तैयार की गई है।
इस मशीन को ड्रिलिंग करने वाली मशीन के साथ जोडऩा होगा। इससे ड्रिलिंग के समय निकलने वाली सिलिकायुक्त डस्ट इस मशीन में लगे बैग में चली जाएगी। इस बैग में एक बार में करीब 20 किलोग्राम डस्ट स्टोर हो सकेगी। जिसके निस्तारण के बाद वापस इस मशीन को ड्रिलिंग मशीन से जोड़ कर काम में ले सकेंगे। खनन कार्यो में ड्रिलिंग आदि से सिलिकोसिस या फेफडों से संबंधित बीमारियां हो जाती हैं। इस मशीन के उपयोग से सिलिकोसिस बीमारी नहीं होगी। इससे फेफड़ें सुरक्षित रहेंगे।
वैक्यूम तकनीक का उपयोग होगा
ड्रिलिंग के दौरान निकलने वाली डस्ट को इक_ा करने के लिए जैक हैमर ड्र्रिलिंग तकनीक काम में ली जाती है, इसमें पानी का उपयोग होता है। जबकि न्यूमेटिक डस्ट कलक्टर बिना पानी के उपयोग के वैक्यूम तकनीक पर आधारित है और मशीन से निकलने वाली डस्ट को कलेक्ट कर लेगी।
डेमो में मिला अच्छा रेस्पॉंस
माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन आफ इंडिया की जोधपुर शाखा, खान एवं भू विज्ञान विभाग, खान सुरक्षा निदेशालय अजमेर की ओर से सूरसागर के फिदूसर खनन क्षेत्र में मशीन का डेमो कार्यक्रम रखा गया। एसोसिएशन के नेशनल काउंसिल मेम्बर एके जायसवाल ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर्स व तकनीशियन्स ने खानधारकों व श्रमिकों को मशीन की जानकारी दी। डेमो एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के माइनिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर्स की मौजूदगी में किया गया, जिन्होंने मशीन की कार्यप्रणाली को सही बताया।
पहली बार आई मशीन
जोधपुर में अन्तरराष्ट्रीय स्तर की मशीन का पहली बार डेमो किया गया। इसमें खानधारकों व श्रमिकों ने रूचि दिखाई है। कुछ लोगों ने मशीन उपयोग में लेने की इच्छा जताई है।
पीआर दवे, चेयरमैन, माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, जोधपुर शाखा
बीमारी से मिलेगी राहत
नई तकनीकी वाली डस्ट कलक्टर मशीन है। मशीन के उपयोग से खान मजदूरों में ड्रिलिंग व खनन गतिविधियों से हो रही सिलिकोसिस बीमारी से राहत मिलेगी।
श्रीकृष्ण शर्मा, माइनिंग इंजीनियर, जोधपुर