
जोधपुर. भारतीय वायुसेना और फ्रांस की एयर एण्ड स्पेस फोर्स के मध्य जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर चल रहे युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट-21 को देखने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत गुरुवार अपराह्न तीन बजे जोधपुर पहुंचे। शेड्यूल के अनुसार रावत को फ्रैंच रफाल में शॉर्टी लेनी थी लेकिन एनवक्त पर उन्होंने फ्रांस के टैंकर एयरक्राफ्ट एयर बस ए-330 (एमआरटीटी) में उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ फ्रांस वायुसेना टीम के मुखिया मेजर जनरल लॉरेंट हरबिटेट भी थे। उड़ान के दौरान उन्होंने भारतीय रफाल विमानों के अलावा सुखोई-30 और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों को फ्रैंच टैंकर से हवा में कुशलतापूर्वक ईंधन भरते हुए देखा।
जनरल रावत ने कहा कि युद्धाभ्यास के दूसरे दिन ही फ्रैंच टैंकर से भारतीय पायलट्स ने कुशलतापूर्वक रिफ्यूलिंग करके अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। फ्रैंच रफाल के साथ भारतीय रफाल के युद्धाभ्यास के चलते भारतीय वायुसेना जल्द ही रफाल को अपना बना लेगी। उन्होंने कहा कि हमने फ्रैंच एयरफोर्स को इस युद्धाभ्यास के जरिए बता दिया कि भारतीय पायलट्स कितनी तेजी से किसी एयरक्राफ्ट पर ऑपरेशनलाइज हो जाते हैं। यह साबित करता है कि भारतीय वायुसेना दुनिया की टॉप वायुसेना में से एक है। फ्रैंच के टैंकर एयरक्राफ्ट से शॉर्टी लेने पर उन्होंने कहा कि यह एयरक्राफ्ट यात्रियों को भी ले जा सकता है और मेडिकल इमरजेंसी में इसे मेडिकल तौर पर भी काम लिया जा सकता है। युद्धाभ्यास देखने के लिए वायुसेना के दक्षिण पश्चिम कमान के एओसी एयर मार्शल एसके घोटिया भी पहुंचे।
पाकिस्तान तक गरजे रफाल, सुखोई और मिराज
भारत और फ्रांस वायुसेना के मध्य डेजर्ट नाइट-21 युद्धाभ्यास का आयोजन 20 से 24 जनवरी तक किया जा रहा है। युद्धाभ्यास के दूसरे दिन गुरुवार को फ्लाइंग ऑपरेशन शुरू हुआ। सुबह दस बजे चार फ्रैंच रफाल विमानों के साथ भारतीय रफाल विमान, सुखोई-30 और मिराज-2000 विमानों ने एक साथ उड़ान भरी। हवा में काल्पनिक घेरा और काल्पनिक दुश्मन देश की वायुसेना बनाकर एक दूसरे के एयर स्पेस में दाखिल हुए और डमी मिसाइलें व बम का प्रयोग किया। इस दौरान एयरक्राफ्ट पाकिस्तान की सरहद तक गए। पूरे थार में लड़ाकू विमानों की गर्जना देखने के लिए लोगों की निगाहें आसमां पर टिक गई। पोकरण फायरिंग रेंज में डमी मिसाइलें गिराकर वार रुम में उनका समय व एक्यूरेसी मापी गई। युद्धाभ्यास के दौरान हवा में ईंधन खत्म होने पर भारतीय लड़ाकू विमानों को सपोर्ट करने के लिए भारतीय टैंकर एयरक्रफ़्ट आईएल-78 भी उड़ रहा था। भारतीय विमानों ने हवा में ईंधन भरने का भी कुशलपूर्वक प्रदर्शन किया। उधर फ्रैंच रफाल के लिए एयरबस कम्पनी का फ्रैंच टैंकर अपने लड़ाकू विमानों के साथ उड़ रहा था। गौरतलब है कि रफाल विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद वे पहली बार किसी युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। युद्धाभ्यास में दोनों देशों के वायुसैनिक एक दूसरे के साथ वॉर स्ट्रेटजी और स्किल शेयर करते हैं।
जनरल रावत ने फ्रैंच टीम के साथ की चर्चा
फ्रैंच टैंकर में शॉर्टी लेने के बाद जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर सीडीएस जनरल रावत ने फ्रैंच एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उनसे युद्धाभ्यास और रफाल की स्ट्रेटजी को लेकर चर्चा की। फ्रैंच एयरफोर्स से भारतीय वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास का अनुभव भी जाना।
रक्षा मंत्री के आने की संभावना
युद्धाभ्यास के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आने की संभावना है। वे शनिवार या रविवार को जोधपुर आ सकते हैं। रफाल विमान की सुपुर्दगी लेने के लिए राजनाथ सिंह ही फ्रांस गए थे और उन्होंने वहां शस्त्र पूजन भी किया था।