
जोधपुर. ऊंचे ब्याज का लालच देकर देशभर में हजारों लोगों से करोड़ों रुपए एेंठने वाली आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कसते हुए ३६२.९४ करोड़ रुपए की सम्पत्ति कुर्क की है। जांच के पहले चरण में ईडी छह राज्यों में १४८९.०३ करोड़ रुपए की सम्पत्ति कुर्क कर चुकी है।
ईडी सूत्रों के अनुसार २२ मार्च २०१९ को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी ने मामला दर्ज किया था। राज्य की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने भी आइपीसी की धाराओं में मुकेश मोदी, राहुल मोदी और अन्य आदश्र समूह, आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के अधिकारी व निजी व्यक्तियों के खिलाफ २८ दिसम्बर २०१८ को एफआइआर दर्ज की थी। ईडी ने जांच के बाद आदर्श ग्रुप ऑफ कम्पनी, फर्में एलएलपी, रिद्धि सिद्धि ग्रुप ऑफ कम्पनी, फर्मों, एओपी व अन्य आवासीय परियोजनाओं से युक्त राजस्थान, हरियाणा और नई दिल्ली में ३६२.९४ करोड़ रुपए की भूमि और भवन अस्थाई जब्त किए हैं। इसके अलावा इन फर्मों व व्यक्तियों से संबंधित तीन करोड़ रुपए के बचत खातों में सावधि जमा व बैलेंस राशि भी संलग्न की गई है। यह कुर्की आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम २०२० के तहत की गई है।
इस एक्ट के तहत अब तक जांच में सामने आया कि मुकेश मोदी ने अपने रिश्तेदार वीरेन्द्र मोदी, राहुल मोदी, रोहित मोदी आदि और सोसयटी के अधिकारियों व सहयोगियों की मिलीभगत से एसीसीएसएल से जमाकर्ताओं के रुपए को ऋण आदि के माध्यम से हड़पा था। धोखाधड़ी वाले ऋण उठाकर रियल एस्टेट में इस्तेमाल किया। कई राज्यों में जमीनें खरीदी गईं थी। आरोपियों ने शेयर पूंजी के रूप में भी कम्पनियों के खातों में धोखाधड़ी कर रुपए निकाले थे। खुद के रिश्तेदारों को अत्यधिक वेतन, प्रोत्साहन राशि व कमीशन के माध्यम से रुपए दिए थे। बीस लाख निवेशक जीवन भर की बचत से वंचित हो गए थे।