
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को विवि के केंद्रीय कार्यालय का मुख्य दरवाजा बंद करके विरोध प्रदर्शन किया। सिण्डीकेट बैठक के लिए सुबह ११ बजे पहुंचे कुलपति प्रो पीसी त्रिवेदी को गेट पर ही रोक लिया गया। कुलपति कर्मचारियों की बात सुनकर वापस चले गए और उसके बाद अपने निवास पर सिण्डीकेट बैठक बुलाई। विवि के सभी सिण्डीकेट शिक्षक सदस्य उनके घर पहुंचे और शहर के बाहर के लोग वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग से शामिल हुए।
बैठक में एकमात्र एजेंडा एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान लागू करना था। करीब पांच मिनट की बैठक में इस पर मोहर लगा दिया दी गई। अब विवि की जनरल स्ट्रीम के शिक्षकों की तरह इंजीनियरिंग शिक्षकों को भी सातवां वेतनमान मिल सकेगा।
दोपहर में रजिस्ट्रार पहुंची तो उनको भी रोका
विवि के कर्मचारी पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह चारण, किशनसिंह गुर्जर, अशोक व्यास, रामदत्त हर्ष और गिरीष ओझा के नेतृत्व में सुबह से ही विवि के केंद्रीय कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे। सिण्डीकेट बैठक के बाद दोपहर २ बजे जब रजिस्ट्रार चंचल वर्मा केंद्रीय कार्यालय पहुंची तो उनका भी रास्ता रोका गया। वर्मा ने नीचे उतरकर कर्मचारियों की बात सुनी और उसके बाद उन्हें वार्ता के लिए अंदर बुलाया। कर्मचारियों ने वार्ता में बताया कि वर्ष २०१३ के बाद अब तक गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है। ९, १८ व २७ का परिलाभ भी लंबे समय से बंद है।