
जोधपुर।
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-14 में मारवाड़ अपार्टमेंट के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान झुग्गी झोंपड़ी में रहने वालों ने रास्ता रोक दिया और आवासन मण्डल के दस्ते पर गुरुवार को पत्थर व कांच की खाली बोतलों से हमला कर दिया। इससे एकबारगी अफरा-तफसी सी मच गई। हमले में तीन अधिकारी व कर्मचारी चोटिल हो गए। रात को प्रसव के बाद एक प्रसूता की संदिग्ध हालात में मौत होने से फिर विवाद हो गया।
पुलिस के अनुसार चौहाबो सेक्टर-14 में सड़क किनारे आवासन मण्डल की जमीन पर झुग्गी झोंपडि़यां बनाकर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। आवासन मण्डल के अधिकारी व कर्मचारी पुलिस-आरएसी जाब्ता लेकर सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंचे। कार्रवाई शुरू करते ही झुग्गी झोंपड़ी वाले विरोध में उतर आए। उन्होंने आस-पास रखे पत्थर उठाए और मण्डल कर्मचारियों व पुलिस पर फेंकने लगे। इतना ही नहीं, शराब व बीयर की खाली बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। इससे आवासन मण्डल के उप आवास आयुक्त राजेन्द्र सिंह भाटी, तकनीकी सहायक श्रव्ण कुमार सैनी व मेहसन उपखण्ड द्वितीय मीठालाल सांखला चोटिल हो गए। जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया। आवासन मण्डल के अभियंता दीपक बिस्सा की तरफ से अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
बगैर सूचना कार्रवाई का आरोप, बोतलें फेंककर दौड़ाया
झुग्गी झोंपडि़यों में रहने वालों का कहना है कि बगैर कोई पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंच गए। वो अपना सामान भी सुरक्षित बाहर नहीं निकाल पाए। इसलिए लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मण्डल कर्मचारियों और पुलिस पर पत्थर व बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। पुलिस व अन्य ने सुरक्षित स्थान पर जाकर जान बचाई। हमले से एकबारगी हड़कम्प मच गया। वाहन चालक व आमजन के साथ पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर भागकर जान बचाई।
झोंपड़ी में प्रसव, प्रसूता की मौत, पुलिस पर आरोप
अतिक्रमण स्थल से करीब सौ मीटर दूर पर झोंपड़ी में रहने वाली सीता गर्भवती थी। पथराव व बोतलें फेंकने के बाद शाम को झोंपड़ी में ही प्रसव हो गया था। उसने बच्ची को जन्म दिया। रात को उसकी तबीयत खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। इससे पास में रहने वाले लोग एकत्रित हो गए। पथराव में धक्का-मुक्की या पुलिस के डण्डे से मौत का आरोप लगाकर परिजन व लोग धरने पर बैठ गए। एडीसीपी चंचल मिश्रा, एसीपी अशोक आंजणा व थानाधिकारी जुल्फिकार अली समझाइश कर रहे हैं। मृतका के पहले से 6 बच्चे बताए जाते हैं। थानाधिकारी का कहना है कि पथराव व बोतलें फेंकने के बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया। सौ मीटर दूरी पर प्रसव के बाद महिला की मौत हुई है। समझाइश के बाद मृतका का शव मोर्चरी भिजवाया गया। वहीं, नवजात बच्ची को उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण पता लग पाएगा।