
NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. जिले के वन्यजीव बहुल क्षेत्रों के खुले मैदानों में स्वच्छंद विचरण करने वाले चिंकारे-ब्लेक बक, नीलगाय सहित विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीवों और पक्षियों की प्यास बुझाने स्थानीय पर्यावरणप्रेमियों ने लॉकडाउन में अपने स्तर पर ही करीब 150 से अधिक पानी की खेळियां और टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था की है। इस परोपकारी कार्य में भामशाह भी सहयोग कर रहे है। भीषण गर्मी में प्राकृतिक जलस्रोत सूखने पर प्यास बुझाने के लिए भटकते वन्यजीव रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने से हिंसक कुत्तों का शिकार बनकर अपनी जान गंवा देते है। ऐसे में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के पर्यावरणप्रेमियों ने अपने ही स्तर पर 150 से अधिक खेळियां बना डाली । अब खेळियों में जलापूर्ति के लिए महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी अपना नियमित योगदान दे रहे है। विश्नोई टाईगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद ने बताया कि वन्यजीवों के पानी की व्यवस्था के लिए कई जगहों पर रेडिमेड पानी की खेलियां रखकर टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इसमें संस्था के स्वंयसेवक सेवाएं दे रहे है।
वन्यजीवों-पक्षियों की प्यास बुझाने सुबह से शाम तक भरते है खेळियां
महामारी के कारण जब लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं ऐसे में गुडा विश्नोइयां स्थित मंगल नगर निवासी 28 वर्षीय धर्मेंद्र विश्नोई कोरोनाकाल में खुद के ट्रैक्टर टंकी के साथ घर से निकलते हैं और रोजाना करीबन 10 से 15 खेळियो, पक्षियों के परिण्डों को भरने के बाद ही शाम को घर लौटते हैं। जोधपुर जिले के देसूरिया विश्नोइयां में बीटीएफ के प्रदीप भादू, हडमान भादू और श्याम सियाग, गुड़ा विश्नोइयान में राजेन्द्र सोऊ, सहीराम सारण, महेन्द्र बूडिय़ा, दिनेश विश्नोई, हिंगोली में भजनलाल व चेतन बेनीवाल नियमित रूप से टैंकरों से जलापूर्ति में जुटे है। बीटीएफ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामनिवास धोरू ने बताया कि भोपालगढ़, बिलाड़ा व पीपाड़ में एक दानदाता ग्रुप बनाया गया जो वन्यजीवों के पानी की 130 खेळियां बनाई है जिसमें पेयजल व्यवस्था पर्यावरणप्रेमी कर रहे है।