
जोधपुर।
1 जनवरी 2021 से लागू हुए जीएसटी के नए नियम 86 बी से जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक असमंजस की स्थिति में है । नए नियम के अनुसार 50 लाख रुपए से अधिक के मासिक कारोबार वाली इकाइयों को अनिवार्य रूप से एक प्रतिशत जीएसटी देनदारी का भुगतान नकद में करना होगा। सरकार के अनुसार यह कदम जाली बिल (इन्वॉयस) के जरिए कर चोरी रोकने के लिए उठाया गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने जीएसटी नियमों में नियम 86 बी पेश किया है, जो 1 जनवरी से लागू हो चुका है जिसका देश भर के उद्यमी विरोध कर रहे है ।
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हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर पड़ेगा नकारात्मक असर
जोधपुर की हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री सबसे ज्यादा राजस्व अर्जन कराने वाली इंडस्ट्री है। अब सरकार ने 50 लाख रुपए मासिक से अधिक के कर योग्य कारोबार पर इनपुट कर क्रेडिट के जरिए देनदारी के भुगतान को 99 प्रतिशत तक सीमित किया है। इससे जोधपुर के अधिकतर हैण्डीक्राफ्ट उद्यमियों को नुकसान होने की आशंका है । जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ भरत दिनेश ने बताया कि नए नियम के अनुसार निर्यातकों को क्वार्टरली जीएसटी रिफ ण्ड दिया जाएगा, इससे निर्यातको की राशि 3 माह तक ब्लॉक हो जाएगी । अभी निर्यातकों को हर माह रिटर्न के बाद जीएसटी रिफ ण्ड मिल जाया करता है । जीएसटी के नए नियम से हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्ट उद्योग पर नकारात्मक असर पडेगा ।