
जोधपुर।
जोधपुर सहित प्रदेश के लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों में काम आने वाली लकड़ी (वुड) की जांच की सुविधा अब राजस्थान में मिलेगी। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स (इपीसीएच) की वुड टेस्ट लेब को जयपुर के हैण्डीक्राफ्ट प्रोडक्टिविटी सेंटर में नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फोर टेस्टिंग एण्ड केलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) से मान्यता मिल गई है। इपीसीएच के महानिदेशक डॉ राकेशकुमार ने बताया कि लकड़ी के हस्तशिल्प और फ र्नीचर वस्तुओं के सदस्य निर्यातकों की सुविधा के लिए एक परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की है, जिसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी मशीनें लकड़ी की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि निर्यातकों की ओर से खरीदारों-आयातकों की आवश्यकता को पूरा करने के साथ लकड़ी के हस्तशिल्प के निर्यात की वृद्धि दर को बढ़ाने और इस क्षेत्र में रोजगार पैदा करने में सक्षम बनाने के लिए हस्तशिल्प उत्पादकता केंद्र अब पूरी तरह कार्यात्मक और चालू है। इससे पहले निर्यातकों को अपनी लकड़ी की जांच के लिए दिल्ली या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था।
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उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा
उन्होंने बताया कि परीक्षण प्रयोगशाला का उद्देश्य विशेष रूप से भारतीय हस्तशिल्प उद्योग के लिए डिजाइन किए गए उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के लिए एकीकृत तकनीकी परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराना है। यह प्रयोगशाला निर्यात बाजार में लकड़ी के हस्तशिल्प की बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन करने में सहायता करेगी व लकड़ी के हस्तशिल्प की निर्यात क्षमता पैदा करेगी।