
जोधपुर।
राज्य सरकार प्रदेश के हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल्द ही हैण्डीक्राफ्ट पॉलिसी जारी करने वाली है। प्रदेश में पहली बार लांच होने जा रही हैण्डीक्राफ्ट पॉलिसी का ड्राफ्ट नोट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है । पॉलिसी में हैण्डीक्राफ्ट आर्टिजन जॉब वर्कर, निर्माता व निर्यातकों के लिए अनेकों लाभकारी स्कीमें होंगी। पॉलिसी ड्राफ्ट के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी हस्तशिल्प निर्यातकों, हस्तशिल्पियों से सुझाव भी मांगे है । राजस्थान से हैण्डीक्राफ्ट निर्यात के लिए जोधपुर व जयपुर दो बड़े हब है । जहा राज्य सरकार फ ोकस करके निर्यात की रफ्तार दोगुना कर सकती है ।
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जोधपुर को डिजाइन डेवलपमेंट सेंटर, रॉ मैटीरियल बैंक की जरुरत
जोधपुर व जयपुर के हस्तशिल्पियों ने राज्य सरकार को अनेक सुझाव दिए है। जोधपुर के हस्तशिल्पियों ने जोधपुर में रॉ मैटीरियल बैंक, टेस्टिंग लेब व डिजाइन डेवलपमेंट सेंटर की मांग रखी है । इसके साथ निर्यात कंटेनरों की दर में सब्सिडी, मनरेगा के तहत हैण्डीक्राफ्ट मजदुरों की उपलब्धता, लकड़ी के हस्तशिल्प कला के लिए सीजनिंग लकड़ी उपलब्धता, पैकेजिंग, सीएफ सी की उपलब्ध्ता, अन्तरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने पर सब्सिडी, राज्य में एक एक्सपो मार्ट की स्थापना सहित अनेक सुझाव दिए है। वहीं जयपुर के हस्तशिल्पियों ने प्रमुख रूप से नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने व हस्तशिल्पियों को रियायती दरों पर जमीन देने को सुझाव दिया है ।
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जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग
वर्ष---------- निर्यात करोड़ रुपयों में
2015-16 -- 2000
2016-17 -- 1800
2017-18 -- 2000
2018-19 -- 2200
2019-20 -- 2500
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एग्रो इंडस्ट्री का दर्जा मिले
राज्य सरकार की ओर से जारी की जाने वाली हैण्डीक्राफ्ट पॉलिसी में जोधपुर में रॉ मैटीरियल बैंक व डिजाइन डेवलपमेंट सेन्टर स्थापित करने की मांग की है। इससे निर्यातकों को कोस्ट व क्वालिटी मैन्टेन करने में आसानी रहेगी। साथ ही, जोधपुर के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा व आने वाले कुछ ही सालों में हैण्डीक्राफ्ट निर्यात दुगुना होने की संभावना है। इसके अलावा हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री को एग्रो इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाए।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन