
जोधपुर. आंखें मनुष्य के लिए कुदरत का दिया सबसे बेस्ट उपहार है। आंखों की कीमत उन्हें मालूम है जिन्हें दिखाई नहीं देता है या कम दिखाई देता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व भर में 36 मिलियन से अधिक लोग अंधता से ग्रसित हैं। वहीं 253 मिलियन लोग सही तरह से नहीं देख सकते हैं। ऐसे में यदि आप भी इस दुनिया से जाने के बाद किसी की जिंदगी रोशन करना चाहते हैं तो नेत्रदान अवश्य करना चाहिए। क्योंकि आपके किए इस महादान से किसी की जिंदगी खुशियों रूपी उजाले से भर सकती है। आज अंतरराष्ट्रीय दृष्टि दिवस है। शहर में अंधता को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आप भी आंखों की सुरक्षा को लेकर क्या सावधानियां रखें। पेश है यह रिपोर्ट-
आंखों की सुरक्षा के लिए क्या करें
- अपनी व अपने बच्चों की नियमित आंखों की जांच करवाएं।
- वाहन चलाते समय या प्रदूषण वाली जगहों पर सनग्लास का यूज करें।
- खतरनाक कार्य के दौरान सुरक्षा चश्मा या सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करें।
-कंप्यूटर पर वर्क करते समय हर बीस मिनट में अपनी आंखों को आराम दें।
- हमेशा साफ पानी से ही आंखें धोंए।
-बिना चिकित्सक की सलाह के दवाई न लें।
-आहार में अधिक से अधिक मात्रा में हरी सब्जियों फलों को शामिल करें।
अंधता के प्रमुख कारण
मोतियाबिंद (कैटरेक्ट)
कालापानी ( ग्लूकोमा)
रेटिना (पर्दे की बीमारियां)
दृष्टि दोष
कॉर्निया की खराबी
इनका कहना है...
कई बार लोग आंखों में दर्द या खुजली होने पर मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के ही दवाई ले लेते हैं। इससे भी आंखों को काफी नुकसान पहुंचता है। इसलिए आंखों की सुरक्षा के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवाई नहीं लेनी चाहिए। इसके अलावा खान क्षेत्र, उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों को आंखों पर चश्मा अवश्य लगाना चाहिए।
डॉ. अरविंद चौहान, नेत्र रोग विभागध्यक्ष एमडीएम