
जोधपुर. खेजड़ली में पेड़ों की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग करने वाले 363 शहीदों के बलिदान दिवस पर शुक्रवार को शहीदों की याद में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 363 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। राजस्थान पत्रिका के 'हरयाळो राजस्थान' अभियान के तहत विश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था की ओर से खेजङली बलिदान दिवस पर शहीद स्थल खेजड़ली रेस्क्यू सेंटर में महंत स्वामी शंकर दास के सान्निध्य में सघन पौधरोपण किया गया। जिले के जाजीवाल विश्नोईयान, विष्णु नगर, एकलखोरी में ग्रामीणों के सहयोग से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए सघन पौधरोपण किया गया। गुरु जंभेश्वर के जयघोष व जब तक सूरज चांद रहेगा अमृतादेवी का नाम रहेगा... आदि नारों के बीच विश्नोई समाज की महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी पौधरोपण अभियान में उत्साह से भागीदारी निभाई। हर साल भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की दशमी को 363 शहीदों की याद में खेजड़ली में आयोजित होने वाला मेला इस बार राज्य सरकार के निर्देशानुसार कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत खेजड़ी और विभिन्न प्रजातियों के 201 पौधों का वितरण शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्था प्रदेशाध्यक्ष रामपाल भवाद ने बताया की इस बार खेजड़ली मेला स्थगित होने के कारण विश्नोई समाज के लोगों ने घरों में ही रहकर 363 शहीदों की याद में हवन व पूजन कर पौधारोपण किया। जिले के विभिन्न जगहों पर आयोजित हरयाळो राजस्थान अभियान में संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष रामनिवास धोरू, घेवरराम गोदारा, सहीराम सियाग, जिला उपाध्यक्ष हिम्मताराम भादू,भजन हिंगोली, महासचिव भरत खेङी, रामनिवास हाणिया,सचिव इंद्रजीत गीला,राम स्वरूप खावा,दिनेश जाणी, श्याम जालेली, कैलाश सियाग,अशोक लाबुवाणी,निर्मला विश्नोई, संत भक्तिदास, पुखराज बुधनगर आदि पर्यावरण प्रेमियों ने पौधारोपण में सहयोग किया।
ध्वजारोहण की औपचारिकता
भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की दशमी के दिन 290 वर्ष पूर्व खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए शहीद हुए 363 लोगों की बलिदान स्थली खेजड़ली में शुक्रवार को पर्यावरणप्रेमियों का मेला स्थगित रहा लेकिन खेजड़ली धाम के महंत स्वामी शंकरदास के सानिध्य में सीमित लोगों ने शहीद स्मारक स्थल परिसर में ध्वजारोहण की रस्म निभाई गई।