
बिलाड़ा (जोधपुर) . राजफैड (Rajfed) द्वारा यहा स्थापित किए गए सरसों व चना तुलाई केन्द्र पर इस बार अपेक्षा के अनुसार किसान अपनी उपज लेकर नहीं आए। बावजूद इस केन्द्र पर अब तक एक करोड़ का सरसों एवं चना तोला जा चुका है। पखवाड़े पूर्व से शुरू हुई तुलाई से लेकर अब तक 86 किसान अपने खेतों में उपजा हुआ रायड़ा तथा 63 किसान खेतों का चना लेकर यहा पहुंचे और तुलाई की, जबकि गत वर्ष एक पखवाड़े में ढाई करोड़ से अधिक कि उपज चना एवं सरसों यहां इस केन्द्र पर तुल चुका था।
किसानों ने बताया कि राजफैड (Rajfed) को अपनी उपज तुलवाने के महीनों बाद भी उनके खाते मे उपज की राशि नहीं पहुंचती है। जबकि इनदिनों अक्षय तृतीया एवं आसपास के दिन सावों के दिन होते हैं और नई फसल कपास एवं सब्जियों की बुआई शुरू हो जाती है। ऐसे में खाद, बीज, ट्रैक्टर खेड़ाई, डीजल एवं श्रमिकों को चुकारे के लिए नगद राशि की जरूरत रहती है जबकि राजफैड कभी भी समय रहते तुलवाई हुई उपज का चुकारा समय पर नहीं करती है।
मूंग का चुकारा भी अभी बाकी
खरीफ 2018 की उपज के रूप मे चार माह पूर्व जिन किसानों ने अपना मूंग राजफेड को समर्थित मूल्य के लालच में अपना मूंग तुलवाया था उन किसानों में से 46 किसानों का मामूली विवाद को लेकर भुगतान राजफेड ने रोक लिया था बाद जांच के बीस किसानों के मूंग का चुकारा हुआ इसके बावजूद भी 16 किसान ऐसे हैं जिनके मूंग तुलाई की राशि 5 माह बाद भी नही मिली है। राजफैड के इसी रवयै को लेकर किसानों का राजफैड को अपनी उपज तुलवाने को मोह भंग हो चुका है।
अब तक की तुलाई
15 अप्रेल से 1 मई तक 86 किसानों ने 3059 बेग में 1529 क्विंटल सरसों जिसकी राशि 64 लाख 23 हजार 900 रुपए तथा 63 किसानों ने 1899 बेग में 949.5 क्विंटल चना तुलवाया, जिसकी राशि 43 लाख 86 हजार 690 रुपए बनी इस प्रकार अब तक कुल 1 करोड़ 8 लाख 10 हजार 590 रुपए की उपज किसानों ने तुलाई जिन किसानों ने 15 अप्रेल को अपनी उपज तुलाई उनके खाते में भी उपज की राशि नहीं मिली है।
इन्होंने कहा
मैंने जब यहा कार्यभार ग्रहण किया उस समय मेरे से पूर्व अधिकारी की शिकायत पर 46 किसानों के मूंग की राशि जांच चलते रुकवाई हुई थी वह जांच पूरी कर 20 किसानों के उपज का चुकारा कर दिया, शेष 16 किसानों के चुकारा करने के लिए राजफेड को अनुशंसा कर दी गई है।
मीनाक्षी चौधरी, कार्यकारी अधिकारी को-ऑपरेटिव सोसायटी बिलाड़ा।