जोधपुर

यूरिया की किल्लत से परेशान हो किसानों ने किया प्रदर्शन

खारिया मीठापुर. यूरिया की किल्लत से परेशान दो दर्जन गांवों के किसानों ने शुक्रवार को ग्राम सेवा सहकारी समिति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
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Jan 05, 2019
Farmers protested against the urea crisis
यूरिया की किल्लत से परेशान हो किसानों ने किया प्रदर्शन

खारिया मीठापुर (जोधपुर). यूरिया की किल्लत से परेशान दो दर्जन गांवों के किसानों ने शुक्रवार को ग्राम सेवा सहकारी समिति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी कि समय पर समाधान नहीं किया गया तो वे हाइवे जाम कर देंगे।

किसान रमेश सीरवी व मांगीलाल गुर्जर ने बताया कि सहकारी समितियों में इन दिनों यूरिया की खेप नहीं पहुंच रही है। अगर समय रहते एक-दो दिन में यूरिया नहीं मिला तो किसान ग्राम स्तर पर हड़ताल करेंगे और जरूरत पड़ी तो हाइवे जाम किया जाएगा। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि गंाव की सहकारी समितियों के गोदाम में तो यूरिया नहीं बचा है ऐसे में वो अन्य जगह से यूरिया लेने जाते है तो उनको 266 रुपए यूरिया के एक कट्टे के साथ 300 रुपए की राशि का एग्रोमीन खरीदना पड़ रहा है जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। एग्रोमीन प्राइवेट सेक्टर का बिना गुणवत्ता वाला रासायनिक है। जिसकी किसान को अभी कोई जरूरत नही है। लेकिन किसानों को जबदस्ती दिया जा रहा है।

मंडल सदस्य व किसान रमेश सीरवी ने बताया कि इस समय किसान खेतों में सिचाई कर रहे है। खेत में नमी होने पर ही यूरिया का छिडक़ाव करते हैं। इसलिए इस समय किसान को यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है। समय रहते किसानों के हितों को नहीं देखा गया तो धरना प्रदर्शन के साथ ग्राम स्तर पर हड़तालें की जाएंगी।

जानकारी के अनुसार खारिया मीठापुर, उदलियावास, कालाऊ ना, खेजडला, हरियाढाणा, बरना, हर्ष, बिजवाडियां, झाक, जैतीवास, बोरूदा सहित करीब दो दर्जन से अधिक गंावों के किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है। किसानों ने
इन समितियों में शीघ्र यूरिया मंगाने की मांग की है।

इन्होंने कहा
अधिंकाश जगह खेतों में सरसों, चने व गेहूं के साथ हरे चारे की फ सलों की बुवाई के बाद पहला पानी दिया जा रहा है। इसमे पानी के साथ यूरिया आवश्यक रूप से दिया जाता है। ताकि फ सले अच्छी ग्रोथ करे व हरेपन के साथ बढवार मिलती रहे। अगर किसानों को यूरिया बैग के साथ जबरदस्ती एग्रोमीन शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे। कोई भी किसान जबरदस्ती एग्रोमीन न ले।

-रामकरण बागवान सहायक कृषि अधिकारी बिलाडा

हर सहकारी समिति का यही प्रयास है कि वे अपने किसानो को समय पर यूरिया दे। शीघ्र ही किसानों को यूरिया की किल्लत से निजात मिलेगी। दो तीन दिन में यूरिया की सप्लाई आने की उम्मीद है।

-पोकरराम बेडा, अध्यक्ष, हरियाढाणा जीएसएस

हमारा माल कलोल में लिया हुआ पड़ा है लेकिन रेलवे से माल लाने के लिए रैक नहीं मिल रही है। ऐसा अनुमान है कि 10 जनवरी तक यूरिया आ सकता है।

-अशोक कुमार मंगल, एरिया मैनेजर

Updated on:
05 Jan 2019 09:48 am
Published on:
05 Jan 2019 09:48 am