जोधपुर

बंद होने के कगार पर एफडीडीआइ जोधपुर, पीजी कोर्स पर ताला, एक यूजी कोर्स भी बंद

प्रदेश में जूते-चप्पल डिजाइन व फैशन का एकमात्र राष्ट्रीय संस्थान जोधपुर स्थित फुटवियर डिजाइन एण्ड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआइ) बंद होने के कगार पर आ गया है। एफडीडीआइ जोधपुर में स्नातकोत्तर कोर्स पर पूरी तरीके से ताला लग गया है।
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FDDI jodhpur is about to close due to insufficient students
बंद होने के कगार पर एफडीडीआइ जोधपुर, पीजी कोर्स पर ताला, एक यूजी कोर्स भी बंद

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. प्रदेश में जूते-चप्पल डिजाइन व फैशन का एकमात्र राष्ट्रीय संस्थान जोधपुर स्थित फुटवियर डिजाइन एण्ड डवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआइ) बंद होने के कगार पर आ गया है। एफडीडीआइ जोधपुर में स्नातकोत्तर कोर्स पर पूरी तरीके से ताला लग गया है। यहां संचालित तीन स्नातक स्तरीय कोर्स में से भी एक बंद कर दिया गया है। शेष बचे दो कोर्स में भी करीब आधी सीटें खाली पड़ी हैं। फुटवियर डिजाइन में छात्र छात्राओं का रुझान कम होने से यह नौबत आई है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2012 में केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से राजस्थान के लिए एक एफडीडीआइ की स्वीकृति लाए थे और इसकी स्थापना जोधपुर में की गई। जोधपुर एफडीडीआइ मण्डोर में खुद के नए भवन में संचालित हो रहा है। यहां स्नातक के तीन कोर्स बैचलर इन फैशन डिजाइनिंग, बैचलर इन फुटवियर डिजाइनिंग और रिटेल व फैशन मर्चेंडाइल में बीबीए और रिटेल में एमबीए कोर्स शुरू किया गया। इस साल एमबीएम और बीबीए कोर्स बंद हो गए हैं।

केवल 75 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
स्नातक के फुटवियर डिजाइन में 60 और फैशन डिजाइन में 90 सीटें हैं। दोनों को मिलाकर इस बार केवल 75 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। आधी सीटें खाली रह गई है। अधिकांश खाली सीटें आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों की है। सामान्य श्रेणी की सभी सीटें भर गई है। बीबीए और एमबीए में 30-30 सीटें थी, जिसमें इस साल प्रवेश नहीं दिया गया।

राजस्थान के विद्यार्थियों ने भी मुंह मोड़ा
इस साल प्रवेश लेने वाले 75 विद्यार्थियों में से राजस्थान के करीब 20 छात्र है। इसमें जोधपुर के आधे से भी कम छात्र है। सीटें उपलब्ध होने के बावजूद राजस्थान के छात्र छात्राओं ने एफडीडीआई में रुचि नहीं दिखाई। जोधपुर के अलावा देश में 12 शहरों में एफडीडीआई संचालित होता है। इसमें हैदराबाद, नोएडा, फुर्सतगंज, चैन्नई, चंडीगढ़, कोलकाता, गुना, अंकलेश्वर, रोहतक, पटना और छिंदवाड़ा शामिल है।

इनका कहना है
‘मार्केट में कोर्सेज की डिमाण्ड कम होने और छात्रों के प्रवेश नहीं के कारण कुछ कोर्स बंद करने पड़े।’
अशोक चौधरी, निदेशक, एफडीडीआई जोधपुर

Published on:
04 Nov 2019 10:23 am