
जोधपुर. रबी सीजन की फसलों के लिए सर्दी वरदान बनकर आती है लेकिन यही सर्दी जब जमाव बिंदु तक आ जाती है तो पाला गिरने से फसलों को जलाकर नष्ट कर देती है। मौसम विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तापमान गिरकर शून्य पर आ सकता है। इससे किसानों को पारा गिरने को आशंका सता रही है।
जोधपुर जिले में इस समय अरण्डी, सरसों, मैथी सहित मिर्च, टमाटर, गोभी, बैंगन की फसलें खड़ी हैं। किसान इन फसलों में नुकसान को लेकर आशंकित है।
पाले से बचाव के लिए किसान अपनाएं ये उपाय
कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व निदेशक अनुसंधान आर पी जांगिड़ के अनुसार पारा 4.5 डिग्री से नीचे गिरने व दोपहर तीन बजे बाद हवा बंद हो जाती है, तो पाला गिरने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए फ व्वारा पद्धति से सिंचाई करने वाले किसान क्यारी पद्धति से सिंचाई कर सकते है। फ सलों में पर्याप्त सिंचाई करें तथा एक ग्राम गंधक का तेजाब अथवा 20 ग्राम दानेदार शक्कर को प्रति लीटर पानी मे मिलाकर फ सल पर छिडक़ाव कर सकते हैं। वहीं राख को छानकर उसमें सल्फ र मिलाकर फ सल पर बुरकाने से भी पाले का खतरा कम किया जा सकता है।