जोधपुर

जोधपुर: रनवे पर उतरते समय फट गया सुखोई का टायर, और फिर…

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Aug 10, 2018
sukhoi 30

जोधपुर।

वायुसेना का लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई गुरुवार दोपहर रन-वे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान का टायर धमाके के साथ फटा। पायलट सुरक्षित है। वायुसेना ने तत्काल रन-वे बंद कर दिया। विमान का टायर बदलने के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक रन-वे बंद रहा। इससे दिल्ली आने व जाने वाली फ्लाइट्स एक घण्टा से अधिक लेट हो गई।

वायुसेना स्टेशन से गुरुवार सुबह करीब 4 सुखोई विमान प्रशिक्षण उड़ान पर उड़े। चारों विमान आगे-पीछे विभिन्न मैनवुर में उड़ रहे थे। दोपहर 12.25 बजे वापस रन-वे पर उतरते समय एक सुखोई विमान का टायर जमीन पर पड़ते ही फट गया। टायर फटने से विमान रन-वे पर फिसला, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। वायुसेना ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित कर रन-वे बंद करवा दिया। इसके बाद सुखोई का टायर बदला गया।

जानें सुखोई 30 के बारे में
सुखोई 30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का अग्रिम पन्क्ति का लड़ाकू विमान है। यह बहु-उपयोगी लड़ाकू विमान रूस के सैन्य विमान निर्माता सुखोई और भारत के हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बना है। इसके नाम में स्थित एमकेआई का मतलब मॉडर्नि रोबान्बि कॉमर्स्कि इंडिकि है, जिसका मतलब है आधुनिक व्यावसायिक भारतीय (विमान)।

इसी श्रृंखला के सुखोई 30-एमकेके तथा एमके 2 विमानों को चीन तथा बाद में इण्डोनेशिया को बेचा गया था। इसके अलावा एमकेएम, एमकेवी तथा एमकेए संस्करणों को मलेशिया, वेनेजुएला तथा अल्जीरिया को भी बेचा गया है।

विमान ने सन 1997 में पहली उड़ान भरी थी। सन 2002 में इसे भारतीय वायुसेना में सम्मिलित कर लिया गया। सन 2004 से इनका निर्माण भारत में ही हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह एक 4++ पीढ़ी का लडाकू विमान है।

अकतूबर 2009 में ऐसे 105 विमानो की 6 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की सेवा में थी। यह विमान 3000 किमी की दूरी तक जा कर हमला कर सकता है। इसे शक्ति इसके दो एएल-31 तर्बोफैन इन्जनो से मिलती है, जो इसे 2600 किमी प्रति घण्टे की गति देते हैं।

यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान में अलग अलग तरह के बम तथा प्रक्षेपास्त्र ले जाने के लिये 12 स्थान है।

Updated on:
10 Aug 2018 08:36 am
Published on:
10 Aug 2018 08:28 am