
बेलवा/जोधपुर. बेलवा क्षेत्र के भानगढ़ गांव में भारतमाला परियोजना के एनकेसी इंफ्रा कंपनी के केमिकल प्लांट में मंगलवार सुबह 8:00 बजे अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। वहीं आग से डामर बनाने के केमिकल संयंत्र में काफी नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि अमृतसर से जामनगर तक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत सिक्सलेन एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण कार्य बालेसर उपखंड के कई गाँवों में चल रहा है। जिसके लिए भानगढ़ गांव में कम्पनी द्वारा प्लांट स्थापित किया गया है।भानगढ़ प्लांट के मैनेजर राजेश चंदेल के अनुसार प्लांट से केमिकल के साथ कंक्रीट मिक्सर के लिए संयंत्र के बर्नर में लीकेज के चलते आग लग गई। हीट के लिए लगे बर्नर में लीकेज से ज्वलनशील पदार्थों से आग लग है। आग लगते ही एक बारगी कम्पनी के अधिकारियों के साथ कर्मचारी भी सकते में आ गए। हालांकि कर्मचारियों की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया। मजदूरों ने आग पर मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया तो वहीं ज्वलनशील केमिकल से भीषण हादसे की आशंका के चलते जोधपुर से फायर ब्रिगेड बुलाई। दमकल की गाड़ी से करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। गौरतलब है कि अमृतसर से जामनगर तक बनने वाले सिक्सलेन एक्सप्रेस हाईवे निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से बालेसर क्षेत्र के कई गांव में चल रहा है। जोधपुर से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस हाईवे बाड़मेर तेल उत्पादन क्षेत्र के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मार्ग है।
300 मीटर दूरी पर पेट्रोल पंप, बड़ी अनहोनी टली
भानगढ़ केमिकल प्लांट के बर्नर में लीकेज से लगी आग बड़ी अग्नि आपदा का रूप ले सकती थी। क्योंकि प्लांट में बड़े स्तर पर ज्वलनशील पदार्थों के साथ काम किया जा रहा था। ऐसे में आग विकराल होने के साथ ही विस्फोट की संभावना भी थी। वहीं प्लांट परिसर में स्थापित पेट्रोल पंप से भी बड़ा हादसा होते होते टल गया। केमिकल प्लांट में आग की सूचना पर आसपास के गांवों के सैंकड़ों ग्रामीणों की भीड़ हादसा देखने उमड़ पड़ी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में बालेसर थाने के पुलिसकर्मी तैनात रहे।
केमिकल प्लांट बन्द, होगी तकनीकी जांच
घटना के बाद प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चंदेल ने बताया कि संयंत्र में लगी आग के तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। वहीं संयंत्र को घटना के बाद से ही बन्द कर दिया गया है। मंगलवार को दिनभर संयंत्र के ऑपरेटर व मजदूर मलबा हटाने में जुटे रहे। कम्पनी के अनुसार इंजीनियर्स द्वारा संयंत्र की तकनीकी जांच के बाद ही शुरू किया जायेगा।