
जोधपुर/कल्याणपुर.
रंगदारी के लिए मोबाइल व्यवसायी की गोली मार कर हत्या करने के दसवें ही दिन सात वाहनों में आए चालीस नकाबपोश युवकों ने बाड़मेर जिले के कल्याणपुर थानांतर्गत डोली टोल नाके पर धावा बोल दिया। उन्होंने हवाई फायर कर के न सिर्फ दहशत फैलाई, बल्कि जम कर तोडफ़ोड़ भी की। इसके अलावा नाके से दिनभर की जमा राशि भी लूट ली। लुटेरों ने हथियार की नोक पर झंवर थाना पुलिस की धवा चौकी के सामने नाकाबंदी व बैरियर तोड़ कर पुलिस को चकमा दे दिया। इससे तीन जने घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार शाम करीब पांच बजे जोधपुर से बिना नम्बर की तीन गेट वे, एक-एक स्कॉर्पियो व बोलेरो पिकअप, दो बोलेरो कैम्पर गलत साइड से डोली स्थित टोल प्लाजा कार्यालय पहुंची। मुंह पर कपड़ा बांधे करीब चालीस जने नीचे उतरे और लाठियों से शीशे फोड़ दिए। सीसीटीवी कैमरे व फर्नीचर आदि तोड़ डाले। फिर वे टोल बूथ की तरफ गए और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। साथ ही सभी कांच फोड़ दिए। उसके बाद कर्मचारियों को लाठियों से पीटा और वहां जमा राशि लूट कर भाग निकले। उन्होंने हवाई फायर भी किए। डर के मारे कर्मचरियों ने पास के खेतों में भाग कर जान बचाई। कल्याणपुर थानाधिकारी भंवरसिंह पोकरणा मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर जोधपुर की तरफ भाग निकले।
चौकी के सामने तोड़ी नाकाबंदी व बैरियर
कल्याणपुर थाना पुलिस की सूचना पर झंवर थाना पुलिस ने धवा चौकी के सामने बैरियर लगा कर नाकाबंदी शुरू की। तभी बाड़मेर की तरफ से एक के बाद एक सात वाहन वहां आए। सभी वाहनों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उन्होंने हथियार दिखाते हुए बैरियर व नाकाबंदी तोड़ डाली और भाग छूटे। उप निरीक्षक ओमप्रकाश ने पुलिस जीप से पीछा किया, लेकिन गेहलावास गांव से सभी आंखों से ओझल हो गए। लुटेरों की तलाश में जिले में सघन हथियारबंद नाकाबंदी कर तलाश की जा रही है। डीसीपी (पश्चिम) समीरकुमार सिंह ने बताया कि बदमाशों ने नाकाबंदी तोड़ी है। पीछा करने पर सभी बिखर गए। उनक खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस बनी मूकदर्शक
टोल प्लाजा पर वसूली को लेकर रोजाना अवांछनीय घटनाएं होती रहती हैं। जिसके लिए कल्याणपुर पुलिस के दो जवान हमेशा टोल नाके पर तैनात रहते हैं। पुलिस जवान मूक दर्शक बन घटना देखते रहे और बदमाश घटना को अंजाम दे कर फ रार हो गए।
कर्मचारी काम छोड़ लौटे घर
नाके पर करीब चालीस कर्मचारी कार्यरत हैं। गोलियों की आवाज सुनते ही सभी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अधिकतर कर्मचारी जरूरी सामान व बैग वगैरह छोड़ कर चले गए। हमले में तीन कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया।
व्यस्ततम मार्ग, लेकिन नहीं रुके वाहन
टोल नाका व्यस्ततम मार्गों में से एक है। यहां दिनदहाड़े वारदात के दौरान कई वाहन निकले, लेकिन गोलियों की आवाज और तोडफ़ोड़ देख अधिकतर ने निकलने में भलाई समझी।
टोल फ्री हो गया नाका
घटना के बाद कर्मचारियों ने टोल नाका खाली कर दिया। इसके चलते यहां टोल टैक्स लेने वाला कोई नहीं है। ऐसे में नाका टोल फ्र ी हो गया। समाचार लिखने तक यहां से वाहन बिना टैक्स दिए ही आ-जा रहे थे।