
जोधपुर।
जिले के शेरगढ़ थानान्तर्गत चाबा गांव में 25 हजार रुपए के इनामी और पुलिस के बीच शनिवार देर शाम मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से फायरिंग की गई। पांव में गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर घायल हो गया। उसे रात को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उससे एक हथियार जब्त कर दो साथियों को भी पकड़ा गया है। (Encounter in Jodhpur)
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि बालेसर थानान्तर्गत बेलवा राणाजी गांव निवासी भवानी सिंह पुत्र जसवंत सिंह हिस्ट्रीशीटर है।जानलेवा हमले सहित तीन मामलों में वांछित था। गत 22 अगस्त को उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। डीएसटी के हेड कांस्टेबल चिमनराम को उसके बाड़मेर जिले के शिव थानान्तर्गत मौखाब गांव में छुपे होने की पुख्ता सूचना मिली।पुलिस व डीएसटी तलाश करती हुई मोकाब पहुंची, लेकिन आरोपी को पता लग गया और वो दो अन्य साथियों के साथ बोलेरो कैम्पर में वहां से भाग निकला।
पुलिस ने तकनीकी पहलू से मिल रहे सुराग से उसका पीछा शुरू किया। चाबा व शेरगढ़ के बीच उसने कच्चे मार्ग पर गाड़ी उतार ली। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। घेराबंदी होने पर भवानी सिंह ने पुलिस पर गोली चला दी और भागने का प्रयास किया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस की जवागी फायरिंग में भवानी के पांव में गोली लगी। घायल होने पर उसे पकड़ लिया गया। उसके दो साथी भी हिरासत में लिए गए। घायल को नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रैफर किया गया।
कार्रवाई में बालेसर थानाधिकारी सवाईसिंह, डीएसटी प्रभारी एसआइ लाखाराम, एसआइ देवाराम, एएसआइ अमानाराम, हेड कांस्टेबल चिमनाराम, श्रवण कुमार, कमाण्डो मोहन व गोपाल शामिल थे।
सरपंच पर फायरिंग व तलवार से हमले में है वांछित
गत 4 जुलाई को कुई इंदा सरपचं त्रिलोक सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था। बदमाशों ने तलवार के साथ ही सरपंच पर गोली भी चलाई थी। जिससे वो घायल हो गया था। शेरगढ़ थाने में जानलेवा हमला व फायरिंग का मामला दर्ज किया गया था। इसके साथ ही 4 अप्रेल को बालेसर थाने में अवैध हथियार और एक जुलाई को शेरगढ़ में दर्ज मारपीट के मामले में भी वह वांछित है।