
जोधपुर. तेज गर्मी में बेजुबान पशुओं को पेयजल के लिए भटकना न पड़े इसलिए जालेली नायला गांव में एक पूर्व सैनिक ने पशुओं के लिए अवाला (हौद) बनवाया। तथा उसे पानी से भरने की व्यवस्था भी की जिससे की पशुओं को गर्मी में पेयजल मिल सके।हम बात कर रहे है जालेली नायला के पूर्व सैनिक सत्यनारायण सारण की। वर्ष 2011-12 सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद गांव के विकास को लेकर तत्पर रहने लगे। गर्मी में मुक पशुओं की स्थिति देखी तो अपनी जेब से रुपए खर्च कर अवाला (हौद) बनाया। इंजीनियर महेन्द्रसिंह थोरी ने बताया कि सत्यनारायण रामेश्वर जीव कल्याण व विकास संस्था जालेली नायला से भी जुड़ कर गांव के हर विकास कार्यों में भागीदारी निभा रहे है। इसके साथ ही मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था के साथ गांव में पौधे रोपित करने सहित अन्य विकास कार्य में हमेशा सहयोग करते है। हौद में पानी की व्यवस्था भी खुद करतेहौद मवेशियों के लिए पानी से भरा रहे। इसलिए सारण स्वयं उसमें पानी भरने का काम करते है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011-12 में वे 15वीं जाट रेजीमेंट से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए।