
Jodhpur : ब्रिटिश संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारत ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप और प्रतिष्ठित 1928 इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व सांसद गज सिंह को समाजसेवा, कूटनीतिक उपलब्धियों तथा भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत बनाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सदन के सदस्यों ने स्टैंडिंग ओवेशन देकर उनका सम्मान किया। सम्मान ग्रहण करने के बाद गज सिंह ने कहा कि भारत और ब्रिटेन का इतिहास भले ही जटिल रहा हो, लेकिन वर्तमान और भविष्य सहयोग, आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संस्थाओं ने दोनों देशों के कलाकारों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सेतु बनाया है, जिससे संबंध कूटनीतिक दायरे से आगे बढ़कर जन-जन के जुड़ाव में बदल चुके हैं।
समारोह में गज सिंह के जीवन पर आधारित पुस्तक 'बापजी: द किंग हू वुड बी मेन' का भी विमोचन किया गया। वक्ताओं ने इसे भावी पीढ़ी के नेतृत्वकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम का आयोजन हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने किया। समारोह में हेमलता राज्ये, लॉर्ड उदय, लॉर्ड सहोता, लॉर्ड पोपट, लॉर्ड रामी रेंजर सहित हाउस ऑफ लॉर्ड्स के कई सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान गज सिंह ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए।
महाराजा गज सिंह (द्वितीय) जोधपुर के पूर्व महाराजा हैं। उन्हें 'बापजी' भी कहा जाता है। वह एक राजनेता, पूर्व सांसद (राज्यसभा) और त्रिनिदाद एवं टोबैगो में भारत के पूर्व उच्चायुक्त रह चुके हैं। इसके साथ ही वे मारवाड़-जोधपुर की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को बढ़ावा देने में अग्रणी माने जाते हैं। 'बापजी' का जन्म 13 जनवरी 1948 को हुआ था। पिता महाराजा हनुवंत सिंह के निधन के बाद मात्र 4 वर्ष की उम्र जोधपुर की गद्दी पर बैठे।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा इंग्लैंड के कोथिल हाउस और ईटन कॉलेज से हुई। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (क्राइस्ट चर्च) से दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र (PPE) में डिग्री प्राप्त की। गज सिंह की शादी पुंछ की राजकुमारी हेमलता राजे के साथ हुई थी। उनके एक पुत्र शिवराज सिंह व एक पुत्री शिवरंजनी है। शिवराज के एक पुत्री वारा राजे का जन्म 2011 में हुआ। हाउस ऑफ लॉर्ड्स में पूर्व सांसद गज सिंह का सम्मान हुआ।