
जोधपुर. माहे मोहर्रम के चांद की शहादत मिलने पर मातमी पर्व मोहर्रम 30 अगस्त को जिला प्रशासन व सरकार की गाइडलाइन की पालना करते हुए मनाया जाएगा। इसी कड़ी में 29 अगस्त की सद्दे व मेहन्दी की रस्म तथा 29 अगस्त की शाम -ए- गरीबा (कत्ल की रात) और 2 सितम्बर को फूल प्याले की रस्म अदा की जाएगी। काजी मोहम्मद तय्यब अध्यक्ष रुहत-ए-हिलाल -चांद कमेटी एवं मौलाना शेर मोहम्मद खान रिजवी मुफ्ती- ए - राजस्थान ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया की 20 अगस्त को माहे मोहर्रम के चांद की शहादत मिलने पर कमेटी की ओर से सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 अगस्त को मोहर्रम मनाया जाएगा। चांद नजर आने के साथ ही इस्लामिक हिजरी वर्ष 1442 शुरू हो गया । धर्मगुरुओं ने आम मुसलमानों को इस्लामिक नया साल की मुबारकबाद दी है। धर्मगुरुओं ने मुस्लिम समुदाय के लोगो से मोहर्रम के दौरान जिला प्रशासन व सरकार की गाइडलाइन की पालना करने की अपील की है।