जोधपुर

साइबर क्राइम : बुजुर्ग पेंशनर के पेंशन खाते से पार हुए 1.88 लाख

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्कफलोदी. अगर आपके बैंक खाते में करीब एक लाख रुपए से ज्यादा की राशि पड़ी है और आप अपना एटीएम लेकर मशीन पर जाते है और एटीएम की स्क्रीन पर लिखा आ जाता है कि आपके बैंक खाते राशि नहीं है। तो आपको अचानक झटका लगता है।
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Jan 11, 2020
साइबर क्राइम : बुजुर्ग पेंशनर के पेंशन खाते से पार हुए 1.88 लाख
साइबर क्राइम : बुजुर्ग पेंशनर के पेंशन खाते से पार हुए 1.88 लाख


कुछ एैसा ही हुआ है फलोदी तहसील के लोर्डियां गांव निवासी एक बुजुर्ग पेंशनर कन्हैयालाल जोशी के साथ। दरअसल वे बुधवार को अपना एटीएम लेकर नकदी निकालने पहुंचे तो खाते में नकदी ही नहीं थी। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट खंगाला तो उनके होश उड़ गए। उनके बैंक खाते से करीब डेढ़ लाख से ज्यादा की राशि पार हो चुकी थी। इसके बाद पीडि़त ने फलोदी थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।
लोर्डियां निवासी कन्हैयालाल जोशी ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि उनका पेंशन खाता नई सड़क फलोदी स्थित एसबीआई शाखा में है तथा उनकी प्रतिमाह पेंशन इसी खाते में जमा होती है। रिपोर्ट में बताया कि ३ दिसम्बर २०१९ से १ जनवरी २०२० तक अज्ञात व्यक्तियों ने उनके बैंक खाते से करीब १ लाख ८८ हजार की राशि पार कर दी है।
देखें इस तरह हुए टांजेक्शन, एक बार राशि डाली -
जोशी के बैंक खाते में ३ दिसम्बर से सैंध लगनी शुरू हुई। ३ दिसम्बर को इनके खाते से किसी भोजाराम नामक व्यक्ति के खाते में ४० हजार की राशि टांसफर हुई। इसी दिन नरनाना रिसाइक्लर एटीएम से १० हजार, फिर ४ दिसम्बर को खूब राम पार्क स्थित एटीएम से दो बार में ४० हजार की राशि निकाली गई। इसी दिन इस खाते से जीसीसी टांसफर के माध्यम से भोजाराम नाम के बैंक खाते में २८ हजार की राशि ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद १७ दिसम्बर को शिवानंद नाम के खाते से ४० हजार की राशि इस खाते में डालकर उचाणा स्थित एटीएम से दो बार में ४० हजार की राशि निकालकर खाता खाली कर दिया। इस बीच २६ दिसम्बर को पेंशनर की पेंशन राशि जमा होने के बाद रंगरान स्थित एटीएम से दो बार में ३० हजार व बारवाला एटीएम से ५ सौ की नकदी निकाल करके फिर से खाता खाली कर दिया गया। इस वारदात में एटीएम मशीनों की लोकेशन हरियाणा व दिल्ली की आ रही है।
साइबर सैल ने जताई क्लोनिंश की आशंका -
जोधपुर ग्रामीण पुलिस साइबर सैल के अमानाराम का कहना है कि पृथमदृष्ट्या यह मामला एटीएम क्लोनिंग का लग रहा है। जिसमें इस तरह की वारदात करने वाले कम भीड़ वाले एटीएम पर जाकर वहां गुप्त कैमरे आदि उपकरण लगा देते है तथा वहां आने वाले ग्राहक के एटीएम का क्लोन बनाकर नकदी निकाल देते है। इससे बचाव के लिए हमें एटीएम मशीन पर कार्ड डालने से पहले आस-पास पूरी पड़ताल कर लेनी चाहिए। सीआई लक्ष्मण सिंह का कहना है कि इस मामले में कहीं न कहीं गुप्त जानकारी लीक हुई है। एैसे में हमें सावधानी बरतनी चाहिए। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। (कासं)
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Published on:
11 Jan 2020 10:16 am