जोधपुर

फलदार पौधें बढ़ा सकते हैं किसानों की आमदनी

- अनियमित मानसून के बाद अब किसानों को होर्टीकल्चर से उम्मीद
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Oct 08, 2021
फलदार पौधें बढ़ा सकते हैं किसानों की आमदनी
फलदार पौधें बढ़ा सकते हैं किसानों की आमदनी

जोधपुर।
मानसून के डावांडोल व अनियमित बारिश ने खेती पर भी असर डाला है। जिले में गिरते भूजल व एक ही फ सल के लगातार बुवाई करने से घटते उत्पादन के चलते किसानों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसान होर्टीकल्चर की ओर आकर्षित हो रहे है और फलदार पौधें किसानों की आमदनी का जरिया बन सकते है। जिले में उद्यान विभाग की ओर से अनार, बेर, नीम्बू के बगीचें लगाने के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से 0.4 हैक्टेयर से 4 हैक्टेयर क्षेत्रफल पर बगीचों पर लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30 हजार अनुदान का भी प्रावधान है। यह अनुदान तीन किस्तों में दिया जाएगा।
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अच्छे परिणाम देती है ड्रिप सिंचाई प्रणाली
फ लदार पौधे के बगीचों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली के परिणाम अच्छे आते है, इस कारण किसानों का ड्रिप सिंचाई प्रति रुझान बढ़ रहा है। ड्रिप सिंचाई के उपयोग से उत्पादन बढऩे के साथ साथ पानी की भी बचत होती है। ऐसे में कम पानी वाले क्षेत्र व जहां गहरा भूजल होने के कारण पानी क्षारीय है, ऐसे क्षेत्रों में किसान अनार, बेर, नीम्बू, अंजीर व आंवला जैसे पौधे लगाकर आमदनी ले सकते है।
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किसानों की आमदनी का नया जरिया
किसान पारंपरिक खेती के अलावा आमदनी का जरिया बढ़ाने वाली खेती भी कर सकते है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण आमदनी बढ़ाने वाला कार्य है फ लदार पौधों के बगीचे स्थापित करना । प्रगतिशील किसान रतनलाल डागा ने बताया कि जिले में भूजल गहरा होने से सिंचाई के पानी की कम उपलब्धता व क्षारीय हो जाने से किसानों का परंपरागत फ सलों के बजाए अनार, बेर,नीम्बू, आंवला व अंजीर के फ लदार बगीचों के प्रति रुझान बढ़ रहा है।
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Published on:
08 Oct 2021 10:51 pm