पंजाब-हरियाणा में तलाशती रही जोधपुर पुलिस, हाथ से निकले शूटर
जोधपुर . रंगदारी के लिए जोधपुर में सात महीने से दहशत फैला रहे लॉरेंस विश्नोई के शूटर हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व काली राजपूत ने तीन-चार महीने पहले सूर्यनगरी में ही पनाह ली थी। तब लॉरेंस विश्नोई जोधपुर जेल में बंद था। उससे मिलने के लिए जोधपुर आने के बहाने दोनों शूटर ने एक स्थानीय युवक की मदद से दो-तीन दिन रहने के लिए कमरा मांगा था। उस युवक ने अपने एक मित्र की मदद से दोनों को जगह मुहैया करवाई थी, लेकिन दोनों शूटर दो-तीन दिन की बजाय दस-बारह दिन तक जोधपुर में रहे थे। जबकि जोधपुर पुलिस दोनों की तलाश में पंजाब व हरियाणा में हाथ-पांव मारती रही। पुलिस की नाकामी का परिणाम यह रहा कि दोनों शूटर जोधपुर में रहकर व्यवसायियों की रैकी करते रहे और जून में दो दिन के भीतर दो ठिकानों पर गोलियां चलाकर भाग निकले थे।
न सिर्फ छुपे रहे, बल्कि रैकी भी करके निकले
शेरगढ़ के दासानिया गांव में डाडे की बेरी निवासी हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व शूटर काली राजपूत ने पुलिस से बचने के लिए उसी की नाक के नीचे शरण ली थी। वे लॉरेंस से जेल में मिलने के बहाने स्थानीय व्यक्ति के ठिकाने पर रूके थे, लेकिन आशंका है कि दोनों ने शहर व पुलिस की रैकी की। इसके बाद १९ जून को सरदारपुरा सी रोड व २० जून को शास्त्रीनगर सेक्टर सी में फायरिंग हुई थी।
डकैती के आरोप में आठ माह जेल में रहा, शूटर बनकर निकला
जोधपुर पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड बन चुके हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट को देचू और पोकरण थाना पुलिस ने डकैती के मामले में गत वर्ष गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। वह आठ महीने तक जोधपुर जेल में बंद रहा था। इस दौरान उसका सम्पर्क जेल में पहले से बंद लॉरेंस के गुर्गों से हुआ। वह उनके लिए फायरिंग करने को तैयार हो गया। अपराध से दूर रहने की बजाय वह शूटर बनकर गत जनवरी में जेल से बाहर निकला था। दो मार्च को वह पहली वारदात करने जैन ट्रैवल्स जा पहुंचा था।
लॉरेंस का मुख्य शूटर है काली
पंजाब में मोहाली निवासी काली राजपूत कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस का मुख्य शूटर है। उसके खिलाफ पंजाब व हरियाणा में हत्या के कई मामले दर्ज हैं। वह दोनों राज्यों के साथ ही अब जोधपुर व सीकर पुलिस का भी वांछित है।
हरियाणा में व्यवसायी के घर फायरिंग कर फैलाई थी दहशत
लॉरेंस के लिए रंगदारी वसूलने को काली राजपूत ने छह-सात दिन पहले ही उसने हरियाणा में एक व्यवसायी के ठिकाने पर फायरिंग की थी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ था। पुलिस को अंदेशा है कि सिर्फ दहशत फैलाने के लिए उसने गोली चलाई थी।
हां, एेसी सूचना है...
'हां, एेसी जानकारी है। दोनों आरोपी जोधपुर में रुके थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कितने दिन शरण ली।'
अशोक राठौड़, पुलिस कमिश्नर जोधपुर।