जोधपुर

परीक्षा पास कराने के बाद प्रति अभ्यर्थी मिलने थे ढाई लाख रुपए

- डिस्कॉम की टेक्निकल हेल्पर भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी का मामला - दस्तावेजों की जांच में आया पकड़ में
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Oct 03, 2018
Gauranteed selection in exam In 2.50 lakh rupees
परीक्षा पास कराने के बाद प्रति अभ्यर्थी मिलने थे ढाई लाख रुपए

जोधपुर.
डिस्कॉम में तकनीकी हेल्पर भर्ती परीक्षा में बीकानेर व जयपुर में फर्जी परीक्षार्थी के तौर पर दो अभ्यर्थियों को पास करवाने वाला युवक आईटीआई उत्तीर्ण है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसने लिखित परीक्षा पास कराने और चयन कराने के बदले प्रति अभ्यर्थी ढाई-ढाई लाख रुपए में सौदा तय किया था। भर्ती होने के बाद उसे यह राशि मिलनी थी, लेकिन उससे पहले ही दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान वह कमेटी की नजरों में आ गया। शास्त्रीनगर थाना पुलिस उसे रिमाण्ड पर लेकर तस्दीक के लिए जयपुर ले गई है।

उप निरीक्षक शैतान सिंह ने बताया कि प्रकरण में जालोर जिले में सांचौर तहसील के सरवाणा गांव निवासी राजूराम विश्नोई (२२) पुत्र अर्जुनराम खींचड़ को गिरफ्तार किया गया था। वह चार दिन के रिमाण्ड पर है। उसने जालोर निवासी उम्मेदाराम व मनोज विश्नोई की जगह डिस्कॉम तकनीकी हेल्पर की भर्ती के लिए लिखिल परीक्षा दी थी। यह परीक्षा अगस्त में ली गई थी। उसने बीकानेर में मनोज विश्नोई व जयपुर में उम्मेदाराम की जगह परीक्षा दी थी। दोनों पास भी हो गए। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के दौरान वह पकड़ा गया। वह २९ सितम्बर को उम्मेदाराम और ३० सितम्बर को मनोज विश्नोई के दस्तावेज सत्यापन कराने गया था। पहले ही दिन जांच कमेटी को उस पर कुछ संदेह हुआ था, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। दूसरे दिन दुबारा पहुंचने पर उसे पकड़ लिया गया।
जांच करने पर वह फर्जी अभ्यर्थी निकला। इस पर पुलिस बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया। सहायक अभियंता भूपेन्द्र सैनी की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार दिन रिमाण्ड पर लिया है।

फर्जी के पकड़े जाते ही मूल अभ्यर्थी फरार
लिखित परीक्षा के दौरान चूंकि सभी अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठे के निशान लिए जाते हैं। इन्हीं निशान का दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान मिलान होता है। इसलिए मूल अभ्यर्थी की बजाय फर्जी अभ्यर्थी राजूराम सत्यापन कराने वहां पहुंचा था। इस दौरान मूल अभ्यर्थी उम्मेदाराम व मनोज विश्नोई भी मौजूद थे, लेकिन राजूराम के पकड़ में आते ही वे गायब हो गए। अब दोनों की तलाश की जा रही है।

Updated on:
03 Oct 2018 12:59 am
Published on:
03 Oct 2018 12:59 am